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हरियाली-अभियान

हरियाली-अभियान

“ग्रीन गैंग” प्रदीप सारंग द्वारा शुरू किया गया एक प्रेरक हरियाली अभियान है, जिसका उद्देश्य जनमानस में पर्यावरण प्रेम और हरियाली-पसन्दगी विकसित करना है।

समाज और सामाजिक गतिविधियों का अध्ययन मनन चिंतन प्रदीप सारंग की आदत में शामिल है। नगरीय क्षेत्र में आसपास के दो घरों का अध्ययन किया। एक घर के आँगन में छत पर, दरवाजे पर गमलों में पेड़ पौधे लगाकर हरियाली बनाये रखी गयी है। वहीं दूसरे पड़ोसी घर में एक भी गमला नहीं। एक सवाल आया कि ऐसा क्यों है कि आसपास के दो घरों में से एक में हरियाली है एक में नहीं।
अध्ययन चिंतन मनन से निष्कर्ष निकला कि जिस घर के एक सदस्य के भी दिल-दिमाग में हरियाली-पसन्दगी (ग्रीनरी लाइकिंग) का वातावरण है उस घर में हरियाली है। जिस घर के किसी भी सदस्य के दिल-दिमाग में हरियाली-पसन्दगी (ग्रीनरी- लाइकिंग) का वातावरण नहीं है उस घर में हरियाली नहीं है।
इस अध्ययन के बाद प्रदीप सारंग ने हरियाली-पसन्दगी का वातावरण बनाने की एक कार्य-योजना बनाई और इस कार्ययोजना का नाम रखा ग्रीन गैंग।
अपने सेवा-कार्य व व्यवहार और प्रभावशाली वाणी से जनजन में लोकप्रिय हो चुके प्रदीप सारंग ने 5 जून 2019 विश्व पर्यावरण दिवस पर चयनित सामाजिक युवाओं की एक बैठक बुलाई। देवा रोड स्थित शहीद-उद्यान में भारत सरकार द्वारा महाविद्यालयों में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना, स्कूलों में संचालित भारत स्काउट गाइड, एनसीसी, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित युवक मंगल दल से जुड़े स्वयंसेवी भाव वाले 111 युवक/युवतियों ने श्री सारंग के आवाहन को सहमति प्रदान कर अपनी उपस्थित दर्ज की।
इसीदिन 5 जून 2019 को 111 युवाओं की उपस्थिति में मैंने (प्रदीप सारंग ने) अपने बालों को हरे रंग से रँगवाया व उपस्थित सभी ने अपने हाथों गालों पर वृक्ष के अस्थाई-टैटू बनवाये। बाल हरे कराने व 111 युवाओं की उपस्थिति में ग्रीन गैंग / पर्यावरण सेना का गठन किये जाने के समाचार को सभी पत्रों में प्रकाशित किया। इससे सम्पूर्ण जनपद में हरियाली अभियान के प्रति एक आकर्षण का प्रेरणात्मक वातावरण बना।
आम जन दिल-दिमाग में हरियाली-पसन्दगी का वातावरण बनाने के लिए दो आयामों पर कार्य आरम्भ किया गया-
◆एक यह कि लोग गुड मॉर्निंग, गुड आफ्टरनून, गुड इवनिंग या गुड नाइट के स्थान पर ग्रीन मॉर्निंग, ग्रीन आफ्टरनून, ग्रीन इवनिंग, ग्रीन नाइट बोलना शुरू करें।
◆दूसरा यह कि जन्मदिन, मैरिज एनिवर्सरी, परीक्षाओं के परिणाम इत्यादि जैसे खुशी उल्लास और उमंग के प्रत्येक अवसर पर उपहार में पौधे गमले भेंट किये जायें और पौधरोपण किया जाए।
इस प्रकार ग्रीन गैंग के सदस्यों द्वारा कई साल लगातार कार्य करने के उपरांत जनपद बाराबंकी सहित आसपास के जनपदों तथा सोशल मीडिया के प्रभाव से अन्य प्रांतों में भी ग्रीन गैंग का हरियाली अभियान पहुँच गया। लोग ग्रीन मॉर्निंग बोलना आरम्भ कर रहे हैं। श्री सारंग का मानना है कि ग्रीन मॉर्निंग (हरित प्रात / हरित प्रभात) बोलने से दिल दिमाग में हरियाली के प्रति पसन्दगी का वातावरण बन ही जायेगा। जिसके दिल दिमाग में हरियाली-पसन्दगी का वातावरण बन जायेगा वह घर, आफिस, फैक्ट्री, स्कूल, अस्पताल चाहे जहाँ रहे आसपास हरियाली बढ़ाने की कोशिश जाने-अनजाने स्वयमेव करेगा ही।

ग्रीन गैंग द्वारा संचालित अभियान-
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1- पितृ पक्ष के दौरान श्मशान और कब्रिस्तानों में वृक्षारोपण
2- जन्मदिन, एनिवर्सरी, इत्यादि पर वृक्षारोपण
3- हर खुशी, उल्लास, उमंग के अवसर पर वृक्षारोपण
4- परीक्षा उत्तीर्ण करने व चुनाव जीतने पर वृक्षारोपण
5-बुके के स्थान पर गमला-पौध भेंट करना।

गुड मॉर्निंग की जगह ग्रीन मॉर्निंग क्यों...?
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ग्रीन गैंग द्वारा प्रस्तुत निम्नलिखित बिंदुओं को पढ़ें और जानें कि गुड मार्निंग की जगह ग्रीन मार्निंग क्यों...?

01- प्रत्येक पर्यावरण सैनिक गुड मॉर्निंग के स्थान पर ग्रीन मॉर्निंग, सुप्रभात या शुभ प्रभात के स्थान पर हरित प्रात व हरित प्रभात, लिखे और बोले ऐसी अपेक्षा है। यही ग्रीन गैंग के कल्चर की अपनी विशेष पहचान होगी।
02- ग्रीन=हरा और हरा का अर्थ होता है खुशहाली और सुख समृद्धि संपन्नता। भारत देश के राष्ट्रीय ध्वज में प्रयुक्त हरा रंग भी यही अर्थ देता है।
03- बिहारी जी का एक दोहा है-
मेरी भव बाधा हरो, राधा नागरि सोय।
जा तन की झाईं पड़े, श्याम हरित दुति होय।।
हिंदी के प्रसिद्ध लेखक बिहारी जी ने भी हरित-दुति का अर्थ प्रसन्न मुद्रा से लगाया है।
राधा गोरी है यानी पीली हैं। श्याम नीले, सांवरे रँग के हैं। बिहारी जी ने लिखा है कि जब राधा की परछाई पड़ती है तो श्याम यानी कृष्ण भी प्रसत्र हो जाया करते हैं। वैसे भी नीला+ पीला रंग मिलने पर हरा रंग बनकर तैयार होता है।
04- फूलों और पेड़ों की तरह मनुष्य के चेहरे के लिए भी "खिला है, मुरझाया है" बोला जाता है। इसका भी अर्थ खिला यानी हरा भरा यानी प्रसन्न है। हरियाली कम यानी मुरझाया हुआ है, यानी प्रसन्नता कम।
05- अंग्रेजी में प्रायः बोला जाता है- एवरग्रीन/Evergreen. इसका अर्थ है सदाबहार यानी सदैव हरा भरा रहने वाला। मनुष्य के सदाबहार अथवा हरा भरा रहने से मतलब है खुशहाल/प्रसन्न रहना।
06-ग्रीन गैंग द्वारा प्रस्तुत 06 बिंदुओं से सिद्ध हो जाता है कि गुड मॉर्निंग का अर्थ सिर्फ सुप्रभात अथवा शुभ प्रभात होगा, जबकि ग्रीन मॉर्निंग का अर्थ हरित प्रभात यानी खुशहाल प्रात अथवा सुख सम्पन्न प्रात/प्रभात होगा।
हमें विश्वास है कि आप आगे से गुड मॉर्निंग की जगह ग्रीन मॉर्निंग बोलना अवश्य आरम्भ करेंगे। साथ ही कुछ मित्रों परिचितों को ग्रीन मॉर्निंग बोलने हेतु प्रेरित भी करेंगे।
(प्रदीप सारंग, संस्थापक- ग्रीन गैंग/पर्यावरण सेना)