सरदार पटेल अभियान
राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु यह अभियान संचालित है। इसके माध्यम से युवाओं को देशभक्ति और सामाजिक एकता के प्रति प्रेरित किया जाता है।
सोशल एक्टिविस्ट प्रदीप सारंग उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी व आसपास के जनपदों की वह शख्सियत हैं जिन्होंने सम्पूर्ण जीवन सामाजिक बदलाव के लिए समर्पित कर दिया। मार्गदर्शन और प्रेरणा और सुझाव प्रदान करना इनका मुख्य कार्य है।
"हारना सीखा नहीं है, जीत का मैं गीत हूँ। जुगनुओं का संग है, इंसानियत का मीत हूँ।"
राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु यह अभियान संचालित है। इसके माध्यम से युवाओं को देशभक्ति और सामाजिक एकता के प्रति प्रेरित किया जाता है।
“ग्रीन गैंग” प्रदीप सारंग द्वारा शुरू किया गया एक प्रेरक हरियाली अभियान है, जिसका उद्देश्य जनमानस में पर्यावरण प्रेम और हरियाली-पसन्दगी विकसित करना है।
मातृ भाषा अवधी एवं हिंदी हिंदी और अवधी भाषा साहित्य संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन हेतु जनजागरण यात्राएं, सेमिनार व लेखन प्रशिक्षण शिविर के आयोजन।
साहित्य सृजन एक पूर्वज साहित्यकार की स्मृति में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को काव्य-कार्यशाला का आयोजन। जिसमें काव्य सृजन, काव्य परिमार्जन, काव्य पाठ, एवं साहित्य प्रोत्साहन शामिल है।
युवाओं का मार्गदर्शन एवं सहयोग राँग अंडर स्टैंडिंग्स को रिमूव कर राइट अंडर स्टैंडिंग्स की स्थापना करना, युवाओं में आत्म-विश्वास उत्पन्न करने हेतु क्लासेस।
गर्मियों में बेजुबान परिंदों के लिए दाना पानी की व्यवस्था हेतु प्रेरक अभियान।
प्रत्येक नागरिक का छोटा सा योगदान धरती और समाज में एक बड़ी क्रांति ला सकता है। आप अपनी रुचि और सुविधानुसार सीधे सहभागी बन सकते हैं।
वृक्षारोपण, परिंदा जलपात्र वितरण और गाँव की पर्यावरण सुरक्षा में अपना सक्रिय समय दें। अपने क्षेत्र में प्रकृति मित्रों का दस्ता तैयार करें।
अपने संस्थान, पंचायत या विद्यालय में प्रदीप सारंग जी को जन-संवाद, मानस विचार गोष्ठी, एकता चेतना अथवा पर्यावरण जागरूकता हेतु आमंत्रित करें।
गर्मी के मौसम में मिट्टी के सकोरे, दाना-पानी सामग्री अथवा फलदार व छायादार पौधे प्रायोजित कर मूक पक्षियों व धरा की सेवा में सहयोग दें।
"धरती को हरी-भरी बनाना और बेज़ुबानों की प्यास बुझाना केवल कर्म नहीं, आत्मा का धर्म है।"
यदि आप अपने गाँव, कस्बे, विद्यालय अथवा संस्था में हरियाली, परिंदा दाना-पानी या अवधी साहित्य गोष्ठी का आयोजन कराना चाहते हैं, तो हमसे सीधा संपर्क करें।