अखबारों के पन्नों में जनसेवा की दास्तान — मीडिया में प्रदीप सारंग
चार दशकों से पर्यावरण, अवधी संस्कृति, गौरैया संरक्षण और सामाजिक सरोकारों को राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित कर जन-आंदोलन का रूप दिया।
प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित आलेख एवं कतरनें
विगत दशकों में राष्ट्रीय व क्षेत्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित प्रामाणिक प्रेस रिपोर्ट
वर्तमान में कोई प्रेस कतरन उपलब्ध नहीं है
डेटाबेस में नई प्रेस कतरनें जोड़े जाने पर वे यहाँ प्रदर्शित होंगी।
दूरदर्शन, आकाशवाणी और डिजिटल मंचों पर विशेष संवाद
प्रसार भारती और प्रमुख संचार माध्यमों पर प्रदीप सारंग के वैचारिक उद्बोधन और वार्ताएं
"अवधी लोक-संस्कृति और सारंग-कुंडलियों पर विशेष परिचर्चा"
आकाशवाणी पर अवधी भाषा की मिठास, छंद विधान और ग्रामीण लोकरंग के संरक्षण पर सारंग जी का सारगर्भित वक्तव्य।
"'ग्रीन गैंग' और पर्यावरण संरक्षण की ज़मीनी कहानी"
कैसे ग्रामीण युवाओं की टोली ने बंजर भूमि को उपवन में बदला — दूरदर्शन की 18 मिनट की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
"35 वर्षों की निःस्वार्थ सेवा यात्रा — प्रदीप सारंग के साथ खुला संवाद"
1988 के राष्ट्रीय सेवा शिविर से 2024 की ग्रीन मॉर्निंग तक के संघर्ष, संकल्प और अवधी साहित्य सृजन का सजीव आख्यान।
आधिकारिक प्रेस किट एवं मीडिया संसाधन
समाचार संपादकों, शोधकर्ताओं एवं पत्रकारों के लिए आधिकारिक जीवन-वृत्त, उच्च-रिज़ॉल्यूशन छायाचित्र एवं अभियान संबंधी अधिकृत आंकड़े उपलब्ध हैं।
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