माटी का सरोकार, जनसेवा का संकल्प और अवधी की मिठास
श्री प्रदीप सारंग — एक बहुआयामी सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रीन गैंग के प्रणेता और संवेदनशील साहित्यकार का सम्पूर्ण जीवन परिचय।
"मरुस्थल में सुमन खिलाने चले हैं, चल सको तो चलो। तेज धूप तो होगी ही तप सको तो चलो। राह में काँटे तो होंगे ही, देश दुनिया को बेहतर बनाना है, अपने छुद्र सुख भूल सको तो चलो, झेल सको तो चलो।"
बाराबंकी की उर्वर माटी और ग्रामीण परिवेश में जन्मे प्रदीप सारंग ने अपने जीवन के चार दशक वंचितों के अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, अवधी साहित्य और जन-जागरण को समर्पित कर दिए। 1987 में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर शुरू हुई यह यात्रा आज एक सशक्त वटवृक्ष बन चुकी है।
ग्रामीण परिवेश के अभावों और संघर्षों को उन्होंने कभी अवरोध नहीं माना, अपितु उसे लोक-उत्थान का प्रेरक माध्यम बनाया। उनका मानना है कि वास्तविक समाज सेवा महलों की गोष्ठियों में नहीं, बल्कि खेतों की मेड़ों, परिंदों के सकोरों और ग्रामवासियों की चौपालों में प्रत्यक्ष पसीने के रूप में प्रकट होती है।
दृष्टि, कार्यशैली और वैचारिक प्रेरणा
किसी भी लोक-आंदोलन की सार्थकता उसके मूल चिंतन और निस्वार्थ कर्मठता पर टिकी होती है।
दूरगामी दृष्टिकोण (Vision)
"एक ऐसे समतामूलक, जागरूक और स्वावलंबी ग्रामीण समाज का निर्माण जहाँ पर्यावरण सुरक्षित हो, पक्षियों और मूक जीवों का संरक्षण हो और सांस्कृतिक धरोहर की अस्मिता जीवंत रहे।"
कार्यशैली व निष्ठा (Methodology)
"पारदर्शी जन-सहभागिता, 'ग्रीन मॉर्निंग' के जरिए प्रकृति प्रेम का दैनिक संस्कार, और सत्ता या आडंबर से कोसों दूर रहकर ज़मीनी स्तर पर मिट्टी से जुड़कर प्रत्यक्ष सेवा।"
प्रेरणा स्रोत व गुरु परंपरा
"गुरुवर डॉ. भगवान वत्स जी का पावन मार्गदर्शन, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के नैतिक संस्कार और संत कबीर व गोस्वामी तुलसीदास की लोक-परंपरा से निःसृत आत्मबल।"
प्रमुख सामाजिक सरोकार एवं लोक पहल
प्रदीप सारंग जी ने किसी एक परिधि में बंधने के बजाय जन-सरोकारों के विविध आयामों को छूकर स्थायी परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है।
पर्यावरण संरक्षण व 'ग्रीन गैंग'
5 जून 2019 को 'ग्रीन गैंग' की स्थापना। जनपद भर में 50,000 से अधिक पौधों का रोपण व संरक्षण। प्रत्येक प्रातः 'ग्रीन मॉर्निंग' के अभिवादन से प्रकृति प्रेम का अभिनव संस्कार।
परिंदा व वन्य जीव संरक्षण
ग्रीष्म ऋतु में पक्षियों के जीवन की रक्षा हेतु 10,000+ मिट्टी के सकोरे व दाना-पानी वितरण अभियान। 2016 में माननीय वन मंत्री, उ.प्र. शासन द्वारा 'वन्य जीव संरक्षण विशिष्ट प्रशस्ति पत्र' से अलंकृत।
अवधी भाषा, साहित्य व संस्कृति
अवधी संस्मरण संकलन 'झरिहख' एवं 151 छन्दबद्ध कुंडलियों का ग्रन्थ 'सारंग-कुंडलियाँ'। 'काव्य-मंजरी' का कुशल संपादन। अवधी लोकगीत, कहावत एवं समृद्ध अवधी विरासत के संरक्षण के लिए सतत सृजन।
लोकतंत्र व मतदाता चेतना
2019 लोकसभा निर्वाचन व त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में शत-प्रतिशत मतदान हेतु सघन जन-अभियान। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा विशेष नागरिक सम्मान।
परिंदा संवर्धन व जल-सकोरा अभियान
गर्मी के दिनों में 10,000+ मिट्टी के जल-सकोरों का निःशुल्क वितरण, दाना-पानी प्रबंध और विलुप्त होती गौरैया के संरक्षण हेतु युवाओं को प्रेरित करना।
युवा नेतृत्व व खेल-संस्कृति
1987 से युवक मंगल दल की अगुवाई। ग्रामीण क्षेत्रों में वॉलीबॉल, एथलेटिक्स एवं कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन। युवा कल्याण विभाग द्वारा 'अनुशासित युवक' के रूप में चार दशकों का प्रेरक मार्गदर्शन।
चार दशकों की सेवा-यात्रा एवं प्रमुख सम्मान (1987 से आज तक)
महामहिम राज्यपाल से लेकर ग्राम चौपाल तक प्राप्त सम्मान व प्रशस्ति पत्रों की ऐतिहासिक शृंखला।
अनुशासित युवक एवं खेलकूद पुरस्कार
प्रादेशिक विकास दल द्वारा आयोजित क्षेत्रीय खेलकूद में वॉलीबॉल में द्वितीय व 800 मी. दौड़ में तृतीय। युवा कल्याण विभाग द्वारा 'अनुशासित युवक' अलंकरण।
गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय परेड (NSS)
ऐतिहासिक क्षण: नई दिल्ली में इंडिया गेट पर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय परेड में NSS दल के प्रतिनिधि के रूप में प्रतिभागिता एवं 'पॉवन माटी' कार्यक्रम में सम्मान।
रंगमंच अभिनय एवं नेत्र चिकित्सा सेवा
पारंपरिक नाटक एवं एकांकी रंगमंच अभिनय प्रशिक्षण प्रमाण पत्र तथा नेत्र चिकित्सा शिविर में अनवरत स्वयंसेवी सेवा कार्यों हेतु प्रशस्ति पत्र।
स्वामी विवेकानंद युवा पुरस्कार
युवाओं के सर्वांगीण विकास एवं सामाजिक सेवा में अप्रतिम योगदान हेतु तत्कालीन महामहिम राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के कर-कमलों द्वारा राज्य का सर्वोच्च युवा सम्मान प्रदान किया गया।
जिला युवा पुरस्कार (NYK)
नेहरू युवा केन्द्र, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनपद स्तर पर युवा जागरण, खेल एवं समाजसेवा में सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार।
आयुर्वेद रत्न उपाधि
पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति, वानस्पतिक ज्ञान एवं लोक-स्वास्थ्य के गहन अध्ययन हेतु 'आयुर्वेद रत्न' की प्रतिष्ठित उपाधि से विभूषित।
जल-सकोरा वितरण एवं नागरिक अभिनंदन
मिट्टी के जल-सकोरों का बड़े पैमाने पर वितरण एवं बेजुबान परिंदों के संरक्षण हेतु जनपद के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा सार्वजनिक अभिनंदन।
भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी सम्मान
रेडक्रॉस सोसाइटी तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस उपाधीक्षक द्वारा सामाजिक सेवा शिविरों के सफल संचालन हेतु विशेष सम्मान पत्र।
वन्य जीव व परिंदा संरक्षण सम्मान
उत्तर प्रदेश शासन के तत्कालीन माननीय वन मंत्री द्वारा पर्यावरण, पक्षी संरक्षण और जीव दया अभियानों के लिए राज्य स्तरीय प्रशस्ति पत्र।
सेवा रत्न एवं अवध ज्योति रजत जयंती
महिला एवं बाल कल्याण हेतु 'सेवा रत्न सम्मान' तथा अवधी साहित्य में अनवरत योगदान हेतु अवध ज्योति पत्रिका के रजत जयंती समारोह में सम्मान।
लोकसभा मतदाता जागरूकता सम्मान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (बाराबंकी) द्वारा लोकसभा सामान्य निर्वाचन में मतदाता जागरूकता के उत्कृष्ट प्रचार हेतु।
कोरोना योद्धा विशिष्ट सम्मान
कोविड-19 संकट के दौरान ग्रामीण अंचलों में असहायों को भोजन, दवा, मास्क वितरण एवं राहत पहुंचाने हेतु अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा अलंकृत।
प्रकृति साहित्य रत्न व तुलसी सम्मान
'प्रकृति साहित्य रत्न', सुप्रसिद्ध 'जनकवि बंशीधर शुक्ल पुरस्कार' एवं अवधी भाषा की दीर्घकालिक सेवा हेतु प्रतिष्ठित 'गोस्वामी तुलसीदास सम्मान'।
राष्ट्रीय आदिवासी गौरव एवं इकबाल अवार्ड
वंचित व वनवासी समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण हेतु 'राष्ट्रीय आदिवासी गौरव सम्मान' एवं भाषा उत्सव में प्रतिष्ठित 'अल्लामा इकबाल अवार्ड'।
अटल प्रतिभा एवं सृजन सम्मान
उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान सहयोगी मंच द्वारा 'अटल प्रतिभा सम्मान' तथा अवधी साहित्य में विशिष्ट योगदान हेतु 'अवध ज्योति सृजन सम्मान'।
समाज गौरव एवं गंगा साहित्य रत्न
लोक-कल्याणकारी पत्रकारिता, पर्यावरण संरक्षण एवं अवधी साहित्य की सेवा हेतु राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक मंच द्वारा 'गंगा साहित्य रत्न'।
जीवन के कुछ यादगार पल (Personal Moments)
श्री प्रदीप सारंग जी के सामाजिक संघर्ष, आत्मीय जन-सरोकारों, पर्यावरण साधना और ऐतिहासिक प्रसंगों का सचित्र संकलन।
प्रदीप सारंग
"हारना सीखा नहीं है, जीत का मैं गीत हूँ। जुगनुओं का संग है, इंसानियत का मीत हूँ।"
श्री प्रदीप सारंग जी से संवाद, पर्यावरण अभियान अथवा साहित्यिक विमर्श हेतु संपर्क करें
चाहे आपके क्षेत्र में ग्रीन गैंग की शाखा शुरू करनी हो, पौधारोपण हेतु मिट्टी के सकोरे व पौधे चाहिए हों, अथवा अवधी साहित्य शोध — सारंग जी का द्वार जनसेवा के लिए सदैव खुला है।
आप कैसे सहभागिता कर सकते हैं?
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