उलझ जाए मन, न दिखे कोई राह — संवेदनशीलता से सुनेंगे, व्यावहारिक राह दिखाएंगे
श्री प्रदीप सारंग कोई व्यावसायिक ज्योतिषी या कर्मकांडी नहीं हैं; वे एक संवेदनशील सामाजिक चिंतक, अवधी साहित्यकार एवं चार दशकों के अनुभवी जनसेवक हैं। आपकी समस्याओं का गंभीर, निष्पक्ष, वैज्ञानिक व व्यावहारिक अध्ययन कर उचित दिशा प्रदान करना ही उनका ध्येय है।
श्री प्रदीप सारंग
सामाजिक कार्यकर्ता • आयुर्वेद रत्न (1997) • अवधी साहित्यकार
ज्योतिषी नहीं, संवेदनशील श्रोता व विश्लेषक
“श्री सारंग ज्योतिषी, तांत्रिक अथवा कोई कर्मकांडी नहीं हैं। वे किसी असंभव चमत्कार का मिथ्या दावा नहीं करते, बल्कि एक निष्पक्ष श्रोता बनकर आपकी बात को संपूर्ण धैर्य से सुनते हैं, समस्या की वैज्ञानिक व सामाजिक जड़ को समझते हैं और जीवन के व्यावहारिक, सामाजिक व नैतिक सिद्धांतों के आधार पर सर्वोत्तम समाधान सुझाते हैं।”
किन विषयों पर आप श्री सारंग जी से निःसंकोच सलाह ले सकते हैं?
व्यक्तिगत, मानसिक, सामाजिक अथवा पारिवारिक जीवन में उठने वाले द्वंद्वों को समझने व सुलझाने के लिए ४० वर्षों का व्यावहारिक अनुभव आपके साथ है।
मानसिक व वैचारिक उलझन
अनिर्णय की स्थिति, अत्यधिक तनाव, अंतर्द्वंद्व और जीवन के उद्देश्य व सही दिशा को लेकर उपजा भारी असमंजस।
पारिवारिक एवं वैवाहिक समन्वय
आपसी संवादहीनता, पारिवारिक कलह, पति-पत्नी में मतभेद, पीढ़ियों का अंतर (generation gap) एवं आत्मीय सुलह के सूत्र।
सामाजिक एवं सामुदायिक समस्याएँ
गाँव व टोला स्तर के विवाद, सामाजिक न्याय, पंचायती मध्यस्थता तथा सामुदायिक सहयोग द्वारा जटिल विवादों का शांतिपूर्ण निवारण।
युवा प्रेरणा व आत्मबल संवर्धन
ग्रामीण व कस्बाई युवाओं में हीनभावना दूर कर आत्मविश्वास जगाना, लक्ष्य निर्धारण, समाज सेवा, कृषि-उद्यमिता व स्वावलंबन हेतु प्रेरक मार्गदर्शन।
भावनात्मक आघात व अकेलापन
जीवन में असफलता, निराशा, अवसाद, विक्षोभ अथवा किसी आत्मीय जन को खो देने के उपरांत उपजे गहरे खालीपन से उबरना।
आजीविका में ईमानदारी व नीति-संतुलन
आजीविका कमाते समय सत्य, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों की रक्षा, कार्यक्षेत्र में मानसिक शांति एवं कठिन परिस्थितियों में नीतिगत संतुलन।
शारीरिक व प्राकृतिक स्वास्थ्य
आयुर्वेद रत्न (1997) ज्ञान परंपरा पर आधारित सात्विक आहार-विहार, ऋतुचर्या, रोग-प्रतिरोधक क्षमता व प्राकृतिक संतुलन।
नैतिक व आध्यात्मिक जिज्ञासा
कबीर, तुलसी और महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर आधारित व्यावहारिक जीवन-दर्शन, आंतरिक संतोष और सहज आचरण का पथ।
परामर्श कैसे प्राप्त करें? ४ सरल व गोपनीय चरण
आपकी गोपनीयता हमारी सर्वोच्च मर्यादा है। किसी मध्यस्थ के बिना सीधा संवाद श्री प्रदीप सारंग जी से ही होता है।
अपनी समस्या संक्षेप में लिखें
श्री सारंग जी के निजी व्हाट्सएप नंबर +91 9919007190 पर अपनी परेशानी या संदेश संक्षेप में लिखकर भेजें।
समय का निर्धारण
यदि पूरा विवरण लिखना कठिन हो, तो बस संक्षिप्त संदेश भेजकर बात करने का उपयुक्त समय (कॉल स्लॉट) मांग लीजिए।
सारंग जी द्वारा व्यक्तिगत कॉल
नियत समय पर श्री सारंग जी स्वयं आपके दिए गए नंबर पर कॉल करेंगे और पूरे धैर्य तथा आत्मीयता से आपकी बात सुनेंगे।
व्यावहारिक समाधान व दिशा
समस्या के सभी आयामों का गंभीर व तार्किक विश्लेषण कर जीवन में स्थायी शांति और गरिमापूर्ण समाधान प्रदान किया जाएगा।
आपकी पहचान और चर्चा पूर्णतः सुरक्षित है
यह श्री प्रदीप सारंग जी का निजी एवं व्यक्तिगत फोन/व्हाट्सएप नंबर है। आपकी व्यक्तिगत, पारिवारिक अथवा सामाजिक बातें किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक नहीं की जाती हैं। बिना किसी संकोच के अपनी बात साझा करें।
परामर्श व मार्गदर्शन हेतु अनुरोध प्रपत्र
यदि आप तुरंत फोन करने में असहज महसूस कर रहे हैं या अपनी बात को लिखकर साझा करना चाहते हैं, तो नीचे दिया गया प्रपत्र भरें। आपकी दी गई जानकारी सीधे श्री सारंग जी के व्यक्तिगत अवलोकन हेतु ही सुरक्षित रहेगी।
सारंग सेवा सदन — विचार एवं संवाद कुटीर
जनपद बाराबंकी, उत्तर प्रदेश • शांति, सादगी और आत्मिक संतोष का परिवेश
अनुरोध सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ
धन्यवाद! आपकी समस्या का विवरण श्री प्रदीप सारंग जी तक सुरक्षित पहुँच गया है। चयनित समय स्लॉट के भीतर वे स्वयं आपसे संपर्क स्थापित करेंगे।
मार्गदर्शन से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
परामर्श सत्र में भाग लेने से पूर्व आपके मन में उठने वाले स्वाभाविक प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर
क्या इस मार्गदर्शन अथवा परामर्श का कोई शुल्क या दक्षिणा है?
कदापि नहीं। यह पूर्णतः नि:स्वार्थ समाजसेवा, मानवीय सरोकार और जनकल्याण का संकल्प है। श्री प्रदीप सारंग जी किसी भी प्रकार का परामर्श शुल्क, दक्षिणा अथवा अप्रत्यक्ष भेंट स्वीकार नहीं करते हैं।
क्या श्री सारंग जी जन्मपत्री, हस्तरेखा या ज्योतिषीय उपाय बताते हैं?
बिल्कुल नहीं। श्री सारंग जी ज्योतिषी या तांत्रिक नहीं हैं। वे किसी चमत्कार अथवा टोटके का दावा नहीं करते। वे तार्किक, व्यावहारिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक चिंतन के माध्यम से वास्तविक समस्या का मूल कारण पहचान कर समाधान प्रस्तुत करते हैं।
क्या मेरी व्यक्तिगत बात या पहचान किसी तीसरे व्यक्ति को पता चलेगी?
कतई नहीं। आपका फोन या व्हाट्सएप संदेश सीधे श्री सारंग जी के निजी फोन पर आता है। कोई सहायक अथवा मध्यस्थ इसे नहीं देखता। आपकी हर बात सौ प्रतिशत गोपनीय और मर्यादित रहती है।
क्या व्यक्तिगत रूप से मिलकर बातचीत की जा सकती है?
हाँ, बाराबंकी स्थित 'सारंग सेवा सदन' में पूर्व अनुमति व समय निर्धारित करके आत्मीय भेंट संभव है। पहले व्हाट्सएप अथवा फोन पर प्राथमिक चर्चा कर समय निश्चित कर लें।
“निराशा को मन पर भारी न होने दें, एक सार्थक संवाद नई दिशा रच सकता है”
जीवन अनमोल है। किसी भी विपत्ति, पारिवारिक द्वंद्व अथवा मानसिक उथल-पुथल में स्वयं को अकेला न समझें। जब भी मन थके, निसंकोच संवाद करें।