ग्रीन गैंग: हरियाली क्रांति, पौधरोपण एवं 'ग्रीन मॉर्निंग' का अभिनव संस्कार
प्रदीप सारंग द्वारा संस्थापित 'ग्रीन गैंग' आंदोलन — 50,000+ बरगद, पीपल, नीम और पाकड़ के वृक्षों का रोपण एवं 150+ गांवों व 100+ विद्यालयों में दैनिक प्रकृति-प्रेम का संस्कार।
'ग्रीन गैंग' आंदोलन के चार मुख्य आधार स्तंभ
1. 'ग्रीन मॉर्निंग' दैनिक अभिवादन संस्कार
विद्यालयों, चौपालों और सार्वजनिक जीवन में 'गुड मॉर्निंग' की जगह 'ग्रीन मॉर्निंग' (Green Morning) बोलने का शिष्टाचार। यह शब्द प्रत्येक व्यक्ति को रोज़ सवेरे प्रकृति के प्रति अपने नैतिक कर्तव्य का स्मरण दिलाता है।
2. पारिवारिक मांगलिक अवसरों पर पौध संकल्प
जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा पूर्वजों की स्मृति में पौधा रोपने और उसका संरक्षण करने का पारिवारिक संकल्प। पर्यावरण संवर्धन को पारिवारिक उत्सव का पावन भाग बनाया गया।
3. देसी छायादार व फलदार वृक्षों को प्राथमिकता
विदेशी सुबबूल या यूकेलिप्टस के बजाय अवध की जलवायु के अनुकूल बरगद, पीपल, नीम, पाकड़, महुआ और आम के देशी वृक्षों का रोपण, जो प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन और पक्षियों को प्राकृतिक आश्रय प्रदान करते हैं।
4. ग्राम युवा दस्ता एवं ट्री-गार्ड सुरक्षा
प्रत्येक गाँव में युवा स्वयंसेवकों का दस्ता गठित किया जाता है। प्रत्येक पौधे को ट्री-गार्ड से सुरक्षित कर 10 पौधों के नियमित जल व संरक्षण की जिम्मेदारी एक युवा प्रहरी को सौंपी जाती है।
ग्रीन गैंग की पारदर्शी एवं सहभागी कार्यशैली
ग्राम चौपाल गठन
गांव में युवाओं, किसानों एवं विद्यार्थियों की बैठक कर पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन गैंग शाखा का गठन किया जाता है।
पौध गोद लेना व ट्री-गार्ड
स्वयंसेवकों को देशी पौध एवं सुरक्षा ट्री-गार्ड वितरित किए जाते हैं। प्रत्येक पौधा किसी विशिष्ट व्यक्ति को गोद दिया जाता है।
'ग्रीन मॉर्निंग' दैनिक देखभाल
युवा प्रहरी प्रतिदिन प्रातः 'ग्रीन मॉर्निंग' के साथ मिट्टी की नमी जांचते हैं तथा पौधों की सिंचाई व निराई सुनिश्चित करते हैं।
ग्रीन गैंग अभियानों के सजीव छायाचित्र
ग्रीन गैंग में शामिल हों अथवा पौध मंगवाएं
यदि आप अपने गाँव, पंचायत अथवा विद्यालय में ग्रीन गैंग की शाखा शुरू करना चाहते हैं, तो विवरण दर्ज करें।