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eco ग्रीन मॉर्निंग!
eco 5 जून 2019 (विश्व पर्यावरण दिवस) से निरंतर गतिशील क्रांति

ग्रीन गैंग: हरियाली क्रांति, पौधरोपण एवं 'ग्रीन मॉर्निंग' का अभिनव संस्कार

प्रदीप सारंग द्वारा संस्थापित 'ग्रीन गैंग' आंदोलन — 50,000+ बरगद, पीपल, नीम और पाकड़ के वृक्षों का रोपण एवं 150+ गांवों व 100+ विद्यालयों में दैनिक प्रकृति-प्रेम का संस्कार।

spa ग्रीन गैंग मुख्य स्तंभ पर्यावरण सेना
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50,000+ विशालकाय छायादार वृक्ष बरगद, पीपल, नीम, पाकड़ व फलदार पौधे
waving_hand
‘ग्रीन मॉर्निंग’ अनूठी अभिवादन शैली 150+ गाँवों व 100+ विद्यालयों में दैनिक संस्कार
verified_user
43 स्वर्णिम नियम व नियमावली 111 संस्थापक संकल्पवान सदस्यों द्वारा अंगीकृत
park 50,000+ वृक्षारोपण व संरक्षण बरगद, पीपल, नीम व पाकड़
school 100+ स्कूलों में 'ग्रीन मॉर्निंग' दैनिक पर्यावरण संस्कार
cottage 150+ गाँव व पंचायतें बाराबंकी व फैज़ाबाद अंचल
verified_user 85%+ पौध जीवित दर सुरक्षा ट्री-गार्ड एवं सिंचाई
history_edu आधिकारिक घोषणा-पत्र • OFFICIAL CHARTER & RULES

ग्रीन गैंग: जानकारी, नियम एवं निर्देश संकल्प-पत्र

5 जून 2019 को शहीद उद्यान बाराबंकी में 111 संकल्पवान साथियों द्वारा अंगीकृत एवं संस्थापक प्रदीप सारंग जी द्वारा प्रख्यापित 43 स्वर्णिम नियम।

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✦ श्री गणेशाय नमः • हरियाली ही जीवन है ✦
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ग्रीन गैंग जानकारी, नियम, निर्देश

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
मूल आधिकारिक विधान व आचार संहिता • 43 सूत्र
1- विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2019 को शहीद उद्यान, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश में आँखें फाउण्डेशन (राष्ट्रीय पुनर्जागरण अभियान- आँखें इण्डिया) द्वारा धरती पर कम हो रही प्राणवायु बढ़ाने के लिए एक सामूहिक प्रयास "ग्रीन-गैंग/पर्यावरण सेना" की संकल्पना को साकार किया गया। संस्थापक प्रदीप सारंग जी द्वारा श्री रजत बहादुर वर्मा जी, श्री हरिप्रसाद वर्मा जी, श्री सदानन्द जी, श्री अब्दुल खालिक जी संस्थापक सदस्य/ संचालक सदस्य बनाया गया। यही संचालक मण्डल कहलायेगा।
2- धरती और धरती वासियों के लिए हरियाली संवर्धन से महत्वपूर्ण कोई अभियान नहीं है। धरती पर हरियाली बढ़ेगी तो मनुष्य सहित समस्त प्राणियों के लिए सुखद एवं स्वास्थ्य वातावरण बनेगा और यदि धरती पर हरियाली घटेगी तो मनुष्य सहित समस्त प्राणियों के लिये संकट ही संकट का वातावरण बनेगा।
3- धरती पर हरियाली बढ़ाने हेतु आमजन को आकृष्ट करने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2019 के अवसर पर सोशल एक्टिविस्ट प्रदीप सारंग जी ने अपने बालों को हरे रंग से रंगवाया। अनेक लोगों ने विशेष कर महिला सदस्यों ने अपने हाथों पर हरे पेड़ के टैटू बनवाये।
4- शहीद पार्क, देवा रोड, बाराबंकी उत्तर प्रदेश में बैठकर 111 लोगों ने सर्व सहमति से "ग्रीन गैंग/ पर्यावरण सेना" बनाकर धरती पर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। एक पेड़ लगाकर शुरुआत की गई।
5- जून 2026 में निर्णय लिया गया कि ग्रीन गैंग/पर्यावरण सेना का नाम बदलकर सिर्फ "ग्रीन गैंग" किया जाए। यानी अब आगे से सिर्फ ग्रीन गैंग लिखा जाएगा।
6- आप सभी सज्जनों से विनम्र निवेदन है कि आप भी धरती पर हरियाली बढ़ाने की इस मुहिम "ग्रीन-गैंग" में शामिल होकर हरियाली वातारण बनाने में सहयोग करें। साथ ही हरियाली के इस सामूहिक प्रयास में हिस्सेदार बनें।
7- "ग्रीन गैंग" कुछ संकल्पवान साथियों का एक समूह है। जो धरती पर हरियाली बढ़ाने के लिए कुछ काम कर रहा है। इसमें किसी भी को जोड़ा जा सकेगा जो निम्न 5 बातों पर पूर्णतया सहमत होता हो-
8- जो संकल्प ले कि "पेड़ लगाएंगे, पेड़ लगवाएंगे, पेड़ बचाएंगे"
9- जो प्रेरित होकर मन से स्वीकार कर ले कि धरती पर हरियाली घटेगी तो मनुष्य सहित समस्त प्राणियों के लिए संकट और दुखद वातावरण तैयार होगा। और अगर धरती पर हरियाली बढ़ेगी तो मनुष्य सहित समस्त प्राणियों के लिए सुखद व स्वास्थ्य परक वातावरण तैयार होगा।
10- जो यह संकल्प ले कि देश के प्रधानमंत्री जी से लेकर ग्राम प्रधान जी तक, पुलिस से लेकर वन विभाग तक कोई क्या करता है हम विचलित नहीं होंगे, और न ही इनसे लड़ाई लड़ेंगे न ही शिकायत करेंगे। सिर्फ इन्हें प्रेरित करने की कोशिश की जाएगी। असल ये है कि धरती पर हरियाली बढ़ाने के लिए हम स्वयं क्या कर सकते हैं सिर्फ वही करेंगे।
11- जो ये संकल्प ले कि पर्यावरण सेना अथवा ग्रीन गैंग व्हाट्सएप ग्रुप अथवा एप में स्वयं अथवा पर्यावरण सैनिकों की सिर्फ पर्यावरण गतिविधियों व उसकी निजी गतिविधियों के अतिरिक्त अन्य कोई भी कटपेस्ट जैसे ज्ञानवर्धक मेसेज सेंड नहीं करेंगे।
12- जो अपने जन्मदिन पर कम से कम एक वृक्ष जरूर रोपित करने का संकल्प ले सके।
13- "पेड़ लगाएंगे, पेड़ लगवाएंगे, पेड़ बचाएंगे" का संकल्प लेने वाला कोई भी, "ग्रीन-गैंग" का सदस्य बनकर, अपने एकल अथवा सामूहिक प्रयासों से धरती को हर भरा बना सकेगा।
सरकारी/अर्धसरकारी विभाग, सामाजिक संस्था, संगठन, ट्रेड यूनियन, स्कूल, कालेज, अस्पताल, एन एस एस, स्काउट, एन सी सी, युवक मंगल दल, एन वाई के, साहित्य, पत्रकारिता, किसान सहित किसी भी पेशा/कार्य व्यवसाय से जुड़े लोग "उद्देश्य" से प्रेरित होकर तथा नियम/निर्देश से सहमत होकर, हरियाली बढ़ाने की इस मुहिम "ग्रीन-गैंग" का हिस्सा बन सकेंगे।
14- ग्रीन गैंग संसार की पहली ऐसी सेना है जिसके पर्यावरण-सैनिक पूर्णतया प्रतिबन्धों से मुक्त है और उसकी पहली जंग खुद से है।
ग्रीन गैंग एक मूवमेंट है इसलिए इसमें समय का कोई प्रतिबन्ध नहीं है जिसके पास जब जितना समय हो उतना काम करे। जब न हो समय, तो कोई शिकवा शिकायत नहीं। दरअसल इस मुहिम की कुछ अलग तरह की विशेषताएं हैं।
15- हर एक को अपना लक्ष्य स्वयं ही तय करना है फिर उसे पाने की कोशिश करनी है। लोग सहयोग करेंगे।
16- ग्रीन गैंग का उद्देश्य समस्त पृथ्वी वासियों में हरियाली को लेकर पसंदगी और आदत में बदलाव लाना है। हरियाली को लेकर जिम्मेदारी का एहसास कराकर धरती पर हरियाली बढ़ाने के लिए स्वयं-संकल्पित कराना है।
17- सक्रिय सदस्य की ऊर्जा-शक्ति और ज्ञान-शक्ति का निरन्तर सकारात्मक व रचनात्मक उपयोग हेतु मार्ग प्रशस्त करना है।
18- सक्रिय सदस्य के आचरण व्यवहार और मन मस्तिष्क से नकारात्मक/निगेटिव तत्वों को शून्य स्थिति तक पहुँचाना है।
19- सक्रिय सदस्य के मन, मष्तिष्क में अवस्थित "राँग -अण्डर-स्टैंडिग्स/भ्रामक समझ" को समाप्त कर "राइट-अण्डर-स्टैंडिग्स/सर्वोचित समझ" स्थापित करना है।
20- सच में "ग्रीन गैंग" एक हरियाली मुहिम है, एक बहुत बड़ा जन-आंदोलन है। इस मुहिम का सदस्य स्वयं अपना लक्ष्य तय करेगा।
21- ग्रीन गैंग के उद्देश्य, अथवा लक्ष्य से प्रेरित होकर, नियम निर्देश अनुशासन, स्वीकार कर, स्वेच्छा से हर एक को जुड़ना है। सदस्य को कार्य करने के लिए कोई समय निर्धारित नहीं है। जब जिसे समय मिले कार्य करे।
22- जो नेतृत्व संभालेंगे यानी समन्वयक होंगे उनके दायित्व कुछ बढ़ जाएंगे। उन्हें अन्य से अधिक समय देना रहेगा।
23- विशेष ध्यान कराना होगा कि ग्रीन गैंग के किसी भी आयोजन, बैठक, कार्यक्रम में कतई आना-जाना अनिवार्य नहीं है किन्तु आने या न आने की सूचना "ग्रीन गैंग" ग्रुप /पेज पर अवश्य पोस्ट करें। जो जितना अधिक समय देगा वह उतना ही अधिक मुहिम को समझ सकेगा, और इसी अनुरूप उतना ही अधिक योगदान हो सकेगा।
24- ग्रीन गैंग के किसी ग्रुप पर अपनी गतिविधियों और अपने विचारों के अलावा कटपेस्ट जैसे कोई भी मैसेज भेजना मना रहेगा। सिर्फ ग्रीन गैंग की गतिविधियों से सम्बन्धित मैसेज, फोटो ही पोस्ट करने की अनुमति रहेगी। आपको कोई मैसेज बहुत अच्छा लगता है तो पर्सनल व्हाट्सएप पर भेजिए, किन्तु ग्रीन गैंग ग्रुप पर बिल्कुल नहीं। अपेक्षा है आप अच्छे व सच्चे सदस्य की तरह कार्य करेंगे। आप खुश हो जाइए कि आप पृथ्वी ग्रह की सबसे महत्वपूर्ण मुहिम से जुड़े हैं।
25- हम सदस्य-गण अपने द्वारा किये गए पर्यावरणीय कार्य अपने द्वारा लिखे गए पर्यावरणीय लेख/गीत/कहानी/आलेखन/गतिविधियाँ/अखबार कतरन इत्यादि की ही पोस्ट ग्रीन गैंग व्हाट्सएप ग्रुप पर डालेंगें। पेड़ में पानी डालते हुए, निराई करते हुए, ऐसे ही कार्य की फोटो पोस्ट कर सकते हैं। किसी को पर्यावरण सेना के बारे में समझाते हुए/ योजना बनाते हुए फोटो पोस्ट कर सकते हैं।
26- ध्यान रखने योग्य दूसरी बात ये है कि जिस प्रकार आपको ग्रीन गैंग के बारे में समझाने के बाद आप द्वारा स्वीकार कर लिए जाने के बाद ही ग्रीन गैंग से जोड़ा गया है उसी प्रकार किसी को भी बिना पढ़ाये, समझाए, तथा उसके द्वारा बिना स्वीकार किये, न जोड़ा जाए।
27- ग्रीन गैंग/पर्यावरण सेना को भीड़ नहीं चाहिए,,, चाहिए पर्यावरण प्रेमी। जो भी सज्जन जुड़ेंगे वो पर्यावरण प्रेमी बन जाएंगे।
28- बिना अनुमति कोई भी ग्रीन गैंग का व्हाट्सएप ग्रुप नहीं बनाएगा।
29- "ग्रीन गैंग" का हर स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाना है। इन ग्रुप में अपने द्वारा किये जाने वाले हरियाली सम्बन्धी कार्यों का विवरण फोटो आदि पोस्ट करनी है।
30- इस ग्रुप का उपयोग सिर्फ निम्न कार्य में ही करें--
निर्देश प्राप्त करने के लिए। सुझाव देने के लिए। राय मशविरा के लिए। एक दूसरे को विशेष मौकों पर बधाई देने के लिए।
31- विशेष निर्देश है कि प्रत्येक स्तर के समन्यवयक गण उच्च ग्रुप से जरूरी मैसेज या स्टिकर्स कॉपी करेंगें तथा अपने ग्रुप पर पेस्ट करेंगें। ताकि प्रशासनिक अथवा राज्य स्तर से भेजे जाने वाले मेसेज आदि ग्राम और मुहल्ला स्तर के ग्रुप तक पहुँच सकें।
32- प्रत्येक स्तर पर अध्यक्ष नामित किया जाना है। अध्यक्ष का दायित्व है कि अपने कार्य क्षेत्र में सदस्य बनाता रहे। लोगों को प्रेरित करता रहे। प्रत्येक अध्यक्ष एक व्हाट्सएप ग्रुप चलाएगा। जिसमें कार्यक्षेत्र के सदस्यों को जोड़ा जाएगा। प्रत्येक सदस्य तक जरुरी सन्देश, जरूरी जानकारी पहुँच सकें, इस हेतु अध्यक्ष अपने उच्च व्हाट्सएप ग्रुप से उपयोगी सामग्री कॉपी करके अपने द्वारा संचालित ग्रुप में पोस्ट करेगा।
33- अध्यक्ष गण सभी को जानकारी देंगे कि ग्रीन मॉर्निंग/हरित प्रभात, ग्रीन इवनिंग, ग्रीन नाईट आदि के मैसेज या बनाये गए चित्र भेज सकते हैं। किसी को जन्मदिन इत्यादि खुशी उल्लास या यादगार पलो में शुभकामनाएं दी जा सकती हैं।
34- अध्यक्ष गण सभी को जानकारी देंगें कि जब भी व्हाट्सएप पर मेसेज भेजें तो अपना नाम, पद नाम पता जरूर लिखें क्योंकि सभी ने आपके नाम नम्बर फीड नही किये जा सकते हैं। बिना नाम पदनाम पता के पहचान नही मिल पाता है कि किसने क्या भेजा है।
35- अध्यक्ष गण सभी को जानकारी देंगे कि अपने द्वारा पेड़ लगाते हुए, पेड़ गिफ्ट देते, लेते हुए चित्र, पूर्व से लगाये गए पेड़ों की देखभाल करते हुए, निराई करते हुए, पानी देते हुए आदि फोटो पोस्ट करते रहें।
36- ग्रीन गैंग का प्रत्येक सदस्य गुड मॉर्निंग के स्थान पर ग्रीन मॉर्निंग, सुप्रभात या शुभ प्रभात के स्थान पर हरित प्रात व हरित प्रभात, लिखेगा बोलेगा। यही ग्रीन गैंग के कल्चर की अपनी विशेष पहचान होगी।
37- ग्रीन=हरा और हरा का अर्थ होता है खुशहाली और सुख समृद्धि संपन्नता। भारत देश के राष्ट्रीय ध्वज में प्रयुक्त हरा रंग भी यही अर्थ देता है।
38- बिहारी जी का एक दोहा है-

मेरी भव बाधा हरो, राधा नागरि सोय।
जा तन की झाईं पड़े, श्याम हरित दुति होय।।

हिंदी के प्रसिद्ध लेखक बिहारी जी ने भी हरित-दुति का अर्थ प्रसन्न मुद्रा से लगाया है।

राधा गोरी है यानी पीली हैं। श्याम नीले, सांवरे रँग के हैं। बिहारी जी ने लिखा है कि जब राधा की परछाई पड़ती है तो श्याम यानी कृष्ण भी प्रसत्र हो जाया करते हैं। वैसे भी नीला+ पीला रंग मिलने पर हरा रंग बनकर तैयार होता है।

39- फूलों और पेड़ों की तरह मनुष्य के चेहरे के लिए भी "खिला है, मुरझाया है" बोला जाता है। इसका भी अर्थ खिला यानी हर भरा यानी प्रसन्न है। हरियाली कम यानी मुरझाया हुआ है, यानी प्रसन्नता कम।
40- अंग्रेजी में प्रायः बोला जाता है- एवरग्रीन/Evergreen. इसका अर्थ है सदाबहार यानी सदैव हरा भरा रहने वाला। मनुष्य के सदाबहार अथवा हरा भरा रहने से मतलब है खुशहाल/प्रसन्न रहना।
41- ग्रीन गैंग/पर्यावरण सेना नियम निर्देश की धारा जे (38 से 43) द्वारा सिद्ध हो जाता है कि गुड मॉर्निंग का अर्थ सिर्फ सुप्रभात अथवा शुभ प्रभात होगा, जबकि ग्रीन मॉर्निंग का अर्थ हरित प्रभात यानी खुशहाल प्रात अथवा सुख सम्पन्न प्रात/प्रभात होगा।
42- हमें विश्वास है कि आप सभी जिम्मेदार हैं, जिम्मेदारी का परिचय देते हुए किसी व्हाट्सएप ग्रुप Green Gang का दुरुपयोग नहीं करगें। नियम निर्देश का पालन करेंगे। अनुशासन उलंघन नहीं करेंगे।
43- ग्रीन गैंग की नियमावली (जनकारी, नियम, निर्देश) से पूर्णतया सहमत व्यक्ति ही ग्रीन गैंग का सदस्य हो सकता है। अतः यदि आप सहमत नहीं हैं तो आप स्वयं बाहर हो जाएं। क्योंकि बारम्बार अनुशासन उल्लंघन करने पर सदस्यता समाप्ति की कार्यवाही की जाएगी एवं आवश्यक होने पर पुलिस को भी सूचना दी जाएगी।
◆◆◆
◆◆प्रदीप सारंग- संस्थापक◆◆
ग्रीन-गैंग/पर्यावरण सेना, भारत गणराज्य।
verified 5 जून 2019 (विश्व पर्यावरण दिवस) • शहीद उद्यान, बाराबंकी
eco वैचारिक दर्शन • एक अभिनव अभिवादन क्रांति

गुड मॉर्निंग की जगह 'ग्रीन मॉर्निंग' और 'हरित प्रभात' क्यों...?

विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून 2019 से आरम्भ हुई चिंतन यात्रा, संस्थापक सदस्य स्व. हरिप्रसाद वर्मा जी से ऐतिहासिक संवाद और प्रदीप सारंग जी द्वारा खोजे गए 6 अकाट्य दार्शनिक तर्क।

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1. उत्पत्ति एवं सर्वसमावेशी अभिवादन की खोज

5 जून 2019 • विश्व पर्यावरण दिवस पर वैचारिक मंथन

धरती पर हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से 05 जून 2019 को विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्रीन गैंग की स्थापना हो जाने के बाद, इसकी वैचारिकी का साहित्य सृजित करना था। इसी चिन्तन में श्री सारंग के मन मे विचार आया कि क्यों न हरियाली पर काम करने वालों के लिए अलग अभिवादन शैली का विकास किया जाए। जितने धर्म, सम्प्रदाय, वैचारिकी, अस्तित्व और प्रचलन में हैं सभी के अनुयायी स्वतः एक अलग अभिवादन शैली अपनाते हैं। जैसे— जै राम, जै श्रीराम, ऊँ नमः शिवाय, राधे राधे, जय गुरुदेव, आदाब अर्ज, अस्सलाम वालेकुम, सत श्री अकाल, गुड मॉर्निंग, जय जिनेन्द्र, नमो बुद्धाय, जय हिंद, जय सरदार, जय पटेल, जय भीम आदि इत्यादि।

महीनों चिंतन के बाद यह सुपरिणाम मिला कि एक अलग तरह की अभिवादन शैली का आविष्कार हो। चूँकि हरियाली संवृद्धि में संलग्न लोग विभिन्न लिंग, जाति, धर्म, सम्प्रदाय, राष्ट्रीयता के लोग हैं अतः अभिवादन में एक ऐसा शब्द अपनाया जाए जिससे किसी को अनुचित और असुविधाजनक न लगे। और इस प्रकार प्रदीप सारंग जी द्वारा एक अनूठी अभिवादन शैली— ग्रीन मॉर्निंग और हरित प्रभात का आविष्कार किया गया।

“श्री सारंग का कहना है कि निरंतर चिंतन का परिणाम रहा कि अभिनव अभिवादन शैली का आविष्कार हो गया। गुड मॉर्निंग के स्थान पर ग्रीन मॉर्निंग का चयन किया। हमको अपनी बुद्धि पर इस नई खोज पर स्वयं को बहुत अच्छा लग रहा है कि हमने एक नया शब्द अभिवादन के लिए खोज लिया है।”

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2. संस्थापक सदस्य स्व. हरिप्रसाद वर्मा जी से संवाद एवं तर्कों की खोज

एक विचार की परीक्षा • संशय से समाधान तक

श्री सारंग ने अनेक तर्क खोजे कि क्यों ग्रीन मॉर्निंग, क्यों हरित प्रभात या हरित प्रात? हम किसी को हर सुबह गुड मॉर्निंग बोलकर विश करते हैं कि आपकी सुबह शुभ हो। यहाँ श्री सारंग जी का तर्क है कि गुड शब्द के अर्थ और ग्रीन शब्द के अर्थ में जमीन-आसमान जैसा अंतर है। गुड शब्द का अर्थ सिर्फ शुभ है, अच्छा है जबकि ग्रीन शब्द के अर्थ में बहुत आयाम हैं।

श्री सारंग जी बताते हैं कि जब पहली बार ग्रीन गैंग के संस्थापक सदस्य स्मृति शेष बड़े भाई हरिप्रसाद वर्मा जी से इस नई अभिवादन शब्द— "ग्रीन मॉर्निंग" पर बात हुई तो श्री वर्मा जी का पहला सवाल था कि "गुड मॉर्निंग की जगह ग्रीन मॉर्निंग क्यों?"

श्री वर्मा जी को तत्काल समुचित उत्तर नहीं दिया जा सका किन्तु उन्हें संतुष्ट करने की हमने भरपूर कोशिश की। हमें लगा कि श्री वर्मा जी संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने हमारी भावनाओं को समझा और यह कहकर चर्चा को समाप्त किया कि—

“समाज किसी नए प्रयोग को बहुत जल्दी स्वीकार नहीं करता है। अभी इस पर और चिंतन करो।”

श्री सारंग जी के अनुसार— हमारी चिंता बढ़ गयी और जो उत्साह बना हुआ था उसमें कुछ कमी भी आई। लेकिन आदतन हमने हार नहीं मानी। कुछ तर्क गढ़ने लगे कि परम्परागत रूप से चले आ रहे गुड मॉर्निंग के स्थान पर ग्रीन मॉर्निंग क्यों? हमने कुछ निम्नलिखित 6 तर्क खोजकर इकट्ठा किये:

दार्शनिक एवं भाषाई आधार

प्रदीप सारंग द्वारा प्रतिपादित 6 अकाट्य तर्क

1 psychiatry चैतन्य वैचारिकी

चैतन्य रूप में जीवन में अपनाने की जरूरत

ग्रीन गैंग एक नई विचारधारा को चैतन्य रूप में जीवन में अपनाने की जरूरत है। किसी के द्वारा वृक्षारोपण करना एक उत्कृष्ट कार्य है किन्तु हरियाली की चैतन्य वैचारिकी को धारण करके वृक्षारोपण करना एक अलग प्रभावकारी स्थिति उत्पन्न करेगा। यह चैतन्यता ग्रीन गैंग के कल्चर की पहचान होगी।

2 अर्थ की व्यापकता

'गुड' बनाम 'ग्रीन' — आयामों का अंतर

गुड का अर्थ होता है शुभ और अच्छा। हम हर सुबह किसी को गुड मॉर्निंग बोलकर उसे विश करते हैं शुभकामनाएं प्रदान करते हैं कि आपकी यह सुबह यह प्रातः शुभ हो अच्छी हो। जबकि ग्रीन का अर्थ बहुत व्यापक है। इसमें अनेक आयाम समाहित हैं।

3 flag राष्ट्रीय ध्वज व समृद्धि

तिरंगे का हरा रंग: सुख व कृषि संपन्नता

ग्रीन = हरा। हरा रंग भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में है। यहाँ हरा रंग सुख, कृषि गत संपन्नता और समृद्धता तथा हरियाली संवर्धन का अर्थ देता है। यानी ग्रीन शब्द में ये भाव संपदा समाहित है।

4 auto_stories साहित्यिक प्रमाण

महाकवि बिहारी जी का दोहा व हरित-दुति

“मेरी भव बाधा हरो, राधा नागरि सोय।
जा तन की झाईं पड़े, श्याम हरित दुति होय।।”

— महाकवि बिहारी

हिंदी के प्रसिद्ध लेखक बिहारी जी ने भी हरित-दुति का अर्थ प्रसन्न मुद्रा से लगाया है। राधा गोरी (पीली) हैं, श्याम नीले/सांवरे रंग के हैं। राधा की परछाई पड़ने पर श्याम आह्लादित हो जाते हैं। वैसे भी नीला+पीला रंग मिलने पर हरा रंग बनता है। यहाँ सिद्ध है कि ग्रीन के अर्थ में ऐसी प्रसन्नता और ऐसा आह्लाद भी समाहित है।

5 sentiment_satisfied मानवीय भाव

खिला बनाम मुरझाया: चेहरे का भाव

फूलों और पेड़ों की तरह मनुष्य के चेहरे के लिए भी "खिला है, मुरझाया है" बोला जाता है। इसका भी अर्थ खिला यानी हरा-भरा यानी प्रसन्न है। हरियाली कम यानी मुरझाया हुआ है, यानी प्रसन्नता कम।

6 all_inclusive सदाबहार जीवन

एवरग्रीन (Evergreen): सदैव खुशहाल

अंग्रेजी में प्रायः बोला जाता है— एवरग्रीन/Evergreen. इसका अर्थ है सदाबहार यानी सदैव हरा भरा रहने वाला। मनुष्य के सदाबहार अथवा हरा भरा रहने से मतलब है सदैव खुशहाल रहना, सदैव प्रसन्न रहना।

स्वतः सिद्ध निष्कर्ष • भाव संपदा की श्रेष्ठता

गुड शब्द की अपेक्षा ग्रीन शब्द कई गुना उत्तम व श्रेष्ठ है

इस प्रकार श्री सारंग जी के द्वारा खोजे गए उपरोक्त तर्कों से स्वतः सिद्ध हो जाता है कि गुड मॉर्निंग का अर्थ सिर्फ सुप्रभात अथवा शुभ प्रभात होगा, जबकि ग्रीन मॉर्निंग का अर्थ— हरित प्रभात यानी खुशहाल प्रात अथवा सुख सम्पन्न, समृद्ध प्रात/प्रभात होगा। यहाँ ग्रीन मॉर्निंग की इस विश में हृदय की भावनाओं में आह्लाद की उपस्थिति की स्थिति से भी है। भाव संपदा की दृष्टि से गुड शब्द की अपेक्षा ग्रीन शब्द कई गुना उत्तम है, श्रेष्ठ है।

प्रेरणादायक चर्चाओं का परिणाम है कि आज हजारों लोग अभिवादन शैली में गुड मॉर्निंग के स्थान पर ग्रीन मॉर्निंग, गुड अफ्टरनून के स्थान पर ग्रीन आफ्टरनून, गुड इवनिंग के स्थान पर ग्रीन इवनिंग और गुड नाइट के स्थान पर ग्रीन नाइट को अपना रहे हैं। इसी प्रकार सुप्रभात या शुभ प्रात के स्थान पर हरित प्रभात, हरित प्रात, हरित सुबह तथा क्रमशः हरित दोपहर, हरित संध्या, हरित साँझ, हरित रात्रि आदि।

प्रातः काल • Morning
ग्रीन मॉर्निंग
हरित प्रभात • हरित प्रात • हरित सुबह
दोपहर काल • Afternoon
ग्रीन आफ्टरनून
हरित दोपहर
सायं काल • Evening
ग्रीन इवनिंग
हरित संध्या • हरित साँझ
रात्रि काल • Night
ग्रीन नाइट
हरित रात्रि
वैचारिक आधार

'ग्रीन गैंग' आंदोलन के चार मुख्य आधार स्तंभ

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1. 'ग्रीन मॉर्निंग' दैनिक अभिवादन संस्कार

विद्यालयों, चौपालों और सार्वजनिक जीवन में 'गुड मॉर्निंग' की जगह 'ग्रीन मॉर्निंग' (Green Morning) बोलने का शिष्टाचार। यह शब्द प्रत्येक व्यक्ति को रोज़ सवेरे प्रकृति के प्रति अपने नैतिक कर्तव्य का स्मरण दिलाता है।

eco 100+ विद्यालयों में दैनिक प्रार्थना सत्र में शामिल
विस्तृत वैचारिकी व 6 दार्शनिक तर्क ऊपर पढ़ें ↑
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2. पारिवारिक मांगलिक अवसरों पर पौध संकल्प

जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा पूर्वजों की स्मृति में पौधा रोपने और उसका संरक्षण करने का पारिवारिक संकल्प। पर्यावरण संवर्धन को पारिवारिक उत्सव का पावन भाग बनाया गया।

favorite हजारों परिवारों द्वारा जीवन-अवसरों पर पौध रोपण
forest

3. देसी छायादार व फलदार वृक्षों को प्राथमिकता

विदेशी सुबबूल या यूकेलिप्टस के बजाय अवध की जलवायु के अनुकूल बरगद, पीपल, नीम, पाकड़, महुआ और आम के देशी वृक्षों का रोपण, जो प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन और पक्षियों को प्राकृतिक आश्रय प्रदान करते हैं।

nature अधिकतम ऑक्सीजन एवं पक्षियों का प्राकृतिक बसेरा
groups

4. ग्राम युवा दस्ता एवं ट्री-गार्ड सुरक्षा

प्रत्येक गाँव में युवा स्वयंसेवकों का दस्ता गठित किया जाता है। प्रत्येक पौधे को ट्री-गार्ड से सुरक्षित कर 10 पौधों के नियमित जल व संरक्षण की जिम्मेदारी एक युवा प्रहरी को सौंपी जाती है।

shield संरक्षण के बिना रोपण नहीं — 85% जीवित दर
कार्यप्रणाली

ग्रीन गैंग की पारदर्शी एवं सहभागी कार्यशैली

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ग्राम चौपाल गठन

गांव में युवाओं, किसानों एवं विद्यार्थियों की बैठक कर पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन गैंग शाखा का गठन किया जाता है।

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पौध गोद लेना व ट्री-गार्ड

स्वयंसेवकों को देशी पौध एवं सुरक्षा ट्री-गार्ड वितरित किए जाते हैं। प्रत्येक पौधा किसी विशिष्ट व्यक्ति को गोद दिया जाता है।

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'ग्रीन मॉर्निंग' दैनिक देखभाल

युवा प्रहरी प्रतिदिन प्रातः 'ग्रीन मॉर्निंग' के साथ मिट्टी की नमी जांचते हैं तथा पौधों की सिंचाई व निराई सुनिश्चित करते हैं।

सजीव झलकियाँ • स्टिकर्स

ग्रीन मॉर्निंग स्टिकर्स

नियम 31 के अनुसार समन्वयक एवं पर्यावरण सैनिक इन आधिकारिक स्टिकर्स को डाउनलोड करें एवं अपने व्हाट्सएप ग्रुप व सोशल मीडिया पर साझा करें।

eco आँखें फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित तथा प्रदीप सारंग द्वारा संस्थापित "ग्रीन गैंग"

स्वयंसेवक / सदस्यता सहभागिता प्रपत्र

कृपया अपनी सही जानकारी भरें ताकि आपके निकटतम क्षेत्र के ग्रीन गैंग समन्वयक आपसे संपर्क कर सकें।

eco

सदस्यता दो प्रकार की है-

1 ग्रीन स्वयंसेवक ₹500 • एक बार

एक बार 500 रुपये जमा करने वाले व्यक्ति को ग्रीन स्वयं सेवक "ग्रीन वॉलंटियर" तथा "हरित स्वयंसेवक" कहा जायेगा।

2 स्वयंसेवक ₹50 • १ वर्ष

50 रुपये जमा करके कोई व्यक्ति एक वर्ष के लिए "वालंटियर" तथा "स्वयंसेवक" कहा जायेगा।

payments

ग्रीन स्वयंसेवक शुल्क भुगतान — ₹500

ग्रीन स्वयंसेवक ("ग्रीन वॉलंटियर" / "हरित स्वयंसेवक") हेतु ₹500/- का भुगतान कर स्क्रीनशॉट अपलोड करें।

₹500 • एक बार / स्थायी
UPI QR Code
BHIM UPI • GPay • PhonePe • Paytm

ग्रीन स्वयंसेवक ₹500 QR कोड

Aankhe Foundation

alternate_email pradeep@upi
खाता धारक: Aankhe Foundation
बैंक व खाता संख्या: Canara Bank (3110201013680)
IFSC कोड: CARB0018631
eco एक बार 500 रुपये जमा करने वाले व्यक्ति को ग्रीन स्वयं सेवक "ग्रीन वॉलंटियर" तथा "हरित स्वयंसेवक" कहा जायेगा।
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खाता धारक: Aankhe Foundation
बैंक व खाता संख्या: Canara Bank (3110201013680)
IFSC कोड: CARB0018631
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₹
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