गाँव की पगडंडियों से बदलाव की राह — 'ग्रीन गैंग' एवं जनसेवा से जुड़ें
पर्यावरण संवर्धन, पक्षी सकोरा वितरण, अवधी भाषा संरक्षण और ग्रामीण जन-जागरूकता अभियानों में अपनी रुचि और समय के अनुसार निस्वार्थ सहभागिता दर्ज करें।
"हारना सीखा नहीं है, जीत का मैं गीत हूँ।
जुगनुओं का संग है, इंसानियत का मीत हूँ।"
ग्रामीण अंचलों में युवाओं की पौधारोपण सहभागिता
पक्षियों हेतु जलदान व दाना-पानी संकल्प
अपनी रुचि और समय अनुसार कार्यक्षेत्र चुनें
प्रत्येक स्वयंसेवक अपने कौशल, दिनचर्या और आवासीय क्षेत्र के अनुसार कार्यदल से जुड़ सकता है। कोई भी प्रयास छोटा नहीं होता।
हरियाली संरक्षक (Green Gang)
प्रभातकालीन 'ग्रीन मॉर्निंग' पौधारोपण, ग्रामीण सड़कों पर वृक्ष सुरक्षा बाड़ (ट्री-गार्ड) निर्माण और 'एक छात्र, एक पौधा' संकल्प का नेतृत्व।
परिंदा व जीव रक्षक
भीषण गर्मी में मिट्टी के सकोरे वितरण, जल-पात्रों की नियमित निगरानी और छतों, दुकानों व खेतों पर दाना-पानी की निरंतर व्यवस्था।
अवधी भाषा व संस्कृति दूत
गाँव चौपालों में अवधी काव्य-वाचन, लुप्तप्राय लोक कहावतों व शब्दों का संग्रह, तुलसी जयंती पखवारा में सहयोग और सांस्कृतिक प्रलेखन।
जल-सकोरा व पक्षी संरक्षण दल
भीषण गर्मी में मिट्टी के जल-सकोरे वितरण, दाना-पानी प्रबंध, पक्षी आश्रय निर्माण और गौरैया संरक्षण जागरूकता में सहभागिता।
"जब एक हाथ पौधा रोपता है, और सौ हाथ उसे सींचते हैं — तब क्रांति होती है।"
सारंग जी के जन-आंदोलन से क्यों जुड़ें?
यह केवल एक डिजिटल पंजीकरण नहीं, बल्कि अपनी माटी, गाँव और समाज के प्रति निष्ठा का जीवित संकल्प है। यहाँ कोई औपचारिकता नहीं, सिर्फ ज़मीनी कर्म की प्रधानता है।
ज़मीनी प्रत्यक्ष प्रभाव
कागज़ी या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं; हर कार्य बाराबंकी व अवध के गाँवों में आँखों के सामने घटित होता है।
'ग्रीन मॉर्निंग' पहचान
एक-दूसरे को 'ग्रीन मॉर्निंग' कह कर प्रकृति चेतना जगाने वाले अनूठे समुदाय का सम्मानजनक हिस्सा बनें।
सेवा प्रमाण पत्र व सम्मान
सक्रिय स्वयंसेवकों को वार्षिक सामाजिक उत्सव में लोक सम्मान और विद्यार्थियों को सेवा-अनुभव प्रमाण पत्र।
लोक-संस्कृति से सीधा जुड़ाव
बुजुर्गों के सान्निध्य में अवधी बोलियों, लोकगीतों, पारंपरिक जल-संरक्षण और वानिकी का व्यावहारिक ज्ञान।
स्वयंसेवक बनने की चार-चरणीय यात्रा
आवेदन से लेकर ज़मीनी सेवा तक — हमारा तंत्र आपको पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करता है।
प्रपत्र भरें
नीचे दिए गए सरल फॉर्म में अपनी रुचि, गाँव/कस्बा और समय की उपलब्धता दर्ज करें।
परिचयात्मक संवाद
तहसील स्तर के स्वयंसेवक समन्वयक द्वारा WhatsApp या फोन पर सौहार्दपूर्ण स्वागत व मार्गदर्शन।
ग्रीन गैंग किट व बैज
'ग्रीन मॉर्निंग' बैज, पौधा सुरक्षा पुस्तिका, सकोरा सामग्री और आपात संपर्क निर्देशिका की प्राप्ति।
ज़मीनी सेवा आरंभ
अपने मोहल्ले, खेत या चौपाल में पौधारोपण, परिंदा जलपात्र अथवा सांस्कृतिक अभियान का शुभारम्भ।
स्वयंसेवक सहभागिता प्रपत्र (Volunteer Enrollment Form)
कृपया अपनी सही जानकारी भरें ताकि आपके निकटतम क्षेत्र के ग्रीन गैंग समन्वयक आपसे संपर्क कर सकें।
जो राह में साथ चले, वही परिवार बने
ग्रीन गैंग और जनसेवा अभियानों से जुड़े स्वयंसेवकों की ज़ुबानी, उनकी प्रेरणा की सच्ची कहानियाँ।
"कॉलेज के बाद रविवार को जब हम सतरिख मार्ग पर रोपे गए पौधों की रखवाली और बाड़ लगाते हैं, तो दिल को गहरा सुकून मिलता है कि हम अपनी धरती के लिए कुछ कर रहे हैं।"
राहुल वर्मा
युवा समन्वयक, कमरावां (बाराबंकी)"सकोरा वितरण अभियान से जुड़ने के बाद मेरी पूरी गली के लोग अब अपनी-अपनी छतों पर पक्षियों के लिए पानी व दाना रखने लगे हैं। नन्हे परिंदों की चहचहाहट ही हमारा पारितोषिक है।"
सुमनलता यादव
परिंदा सहेली, नगर क्षेत्र बाराबंकी"सारंग जी के साथ अवधी चौपालों में जाना और बुजुर्गों के लोक संस्मरणों को सहेजना एक नई चेतना जगाता है। हमारी भाषा ही हमारी अस्मिता है।"
डॉ. अमित अवस्थी
सांस्कृतिक शोधार्थी व भाषा दूतअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीधे स्वयंसेवक समन्वयक से बात करें
किसी भी प्रश्न, सामूहिक पंजीकरण या स्कूल-कॉलेज ड्राइव हेतु संपर्क करें।