माटी, सरोकार और सेवा से जुड़ें — संपर्क व जन-संवाद
पर्यावरण संवर्धन, गाँव की चौपाल में हरित आयोजन, अवधी साहित्य विमर्श अथवा ज़मीनी समस्याओं के यथार्थ समाधान हेतु सीधे संवाद करें। हर नागरिक की आवाज़ और हर विचार हमारे लिए माटी के समान अनमोल है।
"हारना सीखा नहीं है, जीत का मैं गीत हूँ।
जुगनुओं का संग है, इंसानियत का मीत हूँ।"
ग्राम कमरावां, जिला बाराबंकी, उत्तर प्रदेश, भारत
अवध अंचल के गांवों में प्रत्यक्ष जन-संवाद
सीधे संपर्क के तीन सशक्त माध्यम
अपनी सुविधा अनुसार कॉल, डिजिटल संदेश अथवा बाराबंकी स्थित चौपाल केंद्र पर पधारकर संवाद स्थापित करें।
सीधा दूरभाष व WhatsApp संवाद
प्रातः 8:00 से सायं 8:00 बजे तक (हरियाली व जनसेवा हेतु तत्पर)
आधिकारिक ईमेल डेस्क
औपचारिक आमंत्रण, शोध पत्र, अवधी साहित्य पांडुलिपि व संपादकीय सुझावों हेतु।
पैतृक आवास व चौपाल केंद्र
ग्रामीण जनसुनवाई, वृक्ष-पंचायत एवं अनौपचारिक साहित्य-गोष्ठी केंद्र।
विषयवार संवाद एवं सहयोग डेस्क
जिस उद्देश्य हेतु आप जुड़ना चाहते हैं, सीधे उस विशेष दल से संपर्क करें ताकि आपके निवेदन पर अविलंब कार्य आरंभ हो सके।
हरियाली व ग्रीन गैंग
अपने गाँव, विद्यालय अथवा सार्वजनिक स्थल पर निःशुल्क पौधारोपण, ट्री-गार्ड व 'ग्रीन मॉर्निंग' टोली गठन हेतु।
परिंदा संरक्षण व सकोरा
ग्रीष्म ऋतु में पक्षियों के लिए मिट्टी के पात्र (सकोरे), दाना-पानी वितरण केंद्र एवं परिंदा बचाओ चौपाल।
अवधी साहित्य व गोष्ठी
'सारंग-कुण्डलियाँ', तुलसी जयंती पखवारा, अवधी भाषा शोधार्थी संवाद अथवा लोककाव्य गोष्ठी में सहभागिता।
मीडिया व साक्षात्कार
पत्रकारों, वृत्तचित्र निर्माताओं व अकादमिक शोधकर्ताओं के लिए सारंग जी का साक्षात्कार एवं सामाजिक आंकड़े।
संवाद कैसे काम करता है?
आपका संदेश सीधे प्रदीप सारंग जी के बाराबंकी समन्वय दल के केंद्रीय पटल पर दर्ज होता है।
आपकी सुविधानुसार 24 से 48 घंटे के भीतर फोन अथवा WhatsApp पर पुष्टि की जाती है।
गाँव चौपाल, पौधा वितरण अथवा साहित्यिक संगोष्ठी हेतु स्थानीय 'ग्रीन गैंग' समन्वयक सीधे आपसे जुड़ते हैं।
गोपनीयता संकल्प: आपकी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः सुरक्षित है और इसका उपयोग केवल सामाजिक व जनहितकारी संवाद हेतु किया जाएगा।
कमरावां व आसपास के 120+ ग्रामों में नियमित साप्ताहिक बैठकों के माध्यम से पर्यावरण एवं नशामुक्ति पर निरंतर कार्य।
अपना संदेश अथवा आमंत्रण भेजें
कृपया नीचे दिए गए विवरण भरें। तारांकित (<span class="text-error font-bold">*</span>) फ़ील्ड अनिवार्य हैं।
पहुँचने का मार्ग व चौपाल केंद्र
लखनऊ चारबाग अथवा कमता (चिनहट) से अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पकड़ें। बाराबंकी सीमा में प्रवेश कर सतरिख मार्ग मुड़ें।
स्टेशन अथवा बस डिपो से छाया चौराहा होते हुए सतरिख तिराहे के लिए नियमित स्थानीय वाहन व ई-रिक्शा उपलब्ध हैं।
सारंग जी अक्सर ग्रामीण पौधारोपण दौरों व चौपालों पर रहते हैं। कृपया आगमन से कम से कम <strong>24 घंटे पूर्व दूरभाष पर समय अवश्य सुनिश्चित कर लें</strong> ताकि आपकी भेंट सुगमता से हो सके।
संवाद व सहयोग संबंधी जिज्ञासाएँ
किसी भी संशय के समाधान हेतु सामान्य प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए गए हैं।
गाँव-गाँव हरियाली और पक्षी रक्षा के लिए हमारी युवा ब्रिगेड का हिस्सा बनें।
बाराबंकी व अवध क्षेत्र में होने वाली आगामी बैठकों व सम्मेलनों की तिथियां देखें।
राष्ट्रीय व प्रादेशिक समाचार पत्रों में प्रकाशित पर्यावरण व सामाजिक रिपोर्ट।