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eco ग्रीन मॉर्निंग!
eco जन-सरोकार व पर्यावरण संरक्षण • प्रदीप सारंग की पहल

सरदार पटेल अभियान

राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु यह अभियान संचालित है। इसके माध्यम से युवाओं को देशभक्ति और सामाजिक एकता के प्रति प्रेरित किया जाता है।

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"जब भीषण गर्मी में नदियां और तालाब सूख जाते हैं, तब हमारे आंगन और छतों पर रखे मिट्टी के सकोरे ही परिंदों के लिए जीवन बन जाते हैं। यह केवल जलदान नहीं, मानवता का संवेदनशील कर्तव्य है।"

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प्रदीप सारंग संस्थापक, परिंदा व हरियाली अभियान
सरदार पटेल अभियान
सकोरा सेवा • ग्राम सतरिख

ग्रीष्म ऋतु में प्यास से व्याकुल परिंदों को निरंतर अमृत-जल उपलब्ध कराना

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गौरैया बसेरा पारंपरिक काष्ठ घोंसले
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बाल-चेतना टोली स्कूली छात्रों की सेवा
potted_plant निशुल्क वितरण
25,000+ मिट्टी के सकोरे (जल-पात्र)

कुम्हारों से सीधे खरीद कर आमजन व विद्यालयों में वितरित

domain क्षेत्रीय विस्तार
80+ गाँव एवं शिक्षण संस्थान

देवा, सतरिख, हैदरगढ़, रामनगर एवं फतेहपुर ब्लॉक आच्छादित

history_edu अविरल निष्ठा
12+ वर्ष निरंतर ज़मीनी सेवा

प्रत्येक वर्ष 45°C तापमान में विशेष सकोरा अभियान संचालन

volunteer_activism सक्रिय परिवार
5,000+ जागरूक 'परिंदा मित्र'

जो रोज़ सवेरे अपनी छतों व आँगनों में दाना-पानी भरते हैं

menu_book अभियान का विस्तृत विवरण

सरदार पटेल अभियान — विस्तृत विवरण व लक्ष्य

भारत के प्रथम गृहमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल के कृतित्व व्यक्तित्व से जनजन को परिचित कराने हेतु सरदार पटेल के विचारों के प्रति समर्पित उद्दाम विचारक सामाजिक चिंतक, बाल विकास विद्यामंदिर इंटर कालेज कोठी के प्रिंसिपल श्री विक्रम सिंह को अगुवा मानकर, साथ मिल बैठकर, एक ट्रस्ट, सरदार पटेल समाजोत्थान ट्रस्ट के गठन का निर्णय लिया गया। ट्रस्ट का पंजीकरण कराया गया जिसमें श्री प्रदीप सारंग जी को संस्थापक सचिव का दायित्व प्राप्त हुआ। कवि पत्रकार सोशल रिसर्चर श्री सारंग ने अपने बुद्धिबल एवं कर्मठता तथा नवाचारों से सभी को प्रभावित किया। श्री सारंग की दूरन्दाजी एवं ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा अत्यंत विश्वास किये जाने के कारण श्री सारंग द्वारा कई परियोजनाएं संचालित की गईं। जिसमें सभी के सुझाव सहयोग से सभी की सभी परियोजनाएं सफल रही हैं। 1- सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्रों का वितरण। 2- प्रतिवर्ष सम्पूर्ण जनपद में निरन्तर एक माह तक पटेल चेतना रथ का संचालन/ भ्रमण। 3- देश दुनियाँ में पहली बार सरदार पटेल की आरती का विधान, सजाया और सँवारा गया। 4- कविगण को प्रेरित कर आरती लिखवाई गयी। संगीतमय कराई गई।
संकट एवं संवेदनशीलता

आखिर क्यों आवश्यक है यह जन-अभियान?

प्रकृति का संतुलन बनाए रखने वाले हमारे नन्हे जीव, पर्यावरण और ग्रामीण विरासत कंक्रीट के अंधाधुंध विस्तार से संकट में हैं। अवध की माटी से उठती यह एक सामूहिक पुकार है।

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भीषण लू और सूखते जल-स्रोत

मई-जून के प्रचंड ताप में गाँव के पुराने पोखर, ताल-तलैया और कुएँ सूख जाते हैं। पानी की एक बूंद की तलाश में उड़ते हुए दर्जनों परिंदे डिहाइड्रेशन से दम तोड़ देते हैं।

check_circle उपाय: हर छत पर 1 सकोरा पानी = जीवनदान
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पारंपरिक घोंसलों का उजड़ना

कच्चे खपरैल मकानों, छप्परों और पुराने रोशनदानों की जगह पक्के कंक्रीट के मकानों ने ले ली है। घरेलू गौरैया (Sparrow) और बुलबुल के लिए सुरक्षित घर समाप्त हो रहे हैं।

check_circle उपाय: काष्ठ व मिट्टी के सुरक्षित कृत्रिम बसेरे
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खाद्य संकट व कीटनाशकों का दुष्प्रभाव

खेतों में रासायनिक खादों के प्रयोग से कीड़ों और प्राकृतिक बीजों में विषाक्तता बढ़ गई है, जिससे पक्षियों की प्रजनन क्षमता व जीवन-काल पर गहरा आघात पहुंचा है।

check_circle उपाय: प्राकृतिक ज्वार, बाजरा व सत्तू दाना-पात्र
campaign आगामी महा-अभियान

ग्रीष्मकालीन सकोरा एवं पौधा वितरण महा-अभियान 2026

आगामी ग्रीष्म ऋतु में बाराबंकी ज़िले के प्रत्येक न्याय पंचायत तक 5,000 नए सकोरे एवं 500 सुरक्षित घोंसले पहुंचाने का दृढ़ संकल्प। अपने क्षेत्र में वितरण केंद्र स्थापित करने या स्वयंसेवक बनने हेतु आज ही पंजीकरण करें।

calendar_today प्रारंभ: 15 अप्रैल 2026 (विश्व पृथ्वी दिवस से पूर्व)
location_on बाराबंकी, फतेहपुर, रामनगर, देवा, हैदरगढ़
एक मुट्ठी दाना • एक सकोरा पानी

अभियान संकल्प एवं सहयोग पत्र

अपने घर की छत या बालकनी में एक सकोरा पानी और मुट्ठी भर दाना रखने का पवित्र संकल्प लें।

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स्वयंसेवक सहभागिता प्रपत्र (Volunteer Enrollment Form)

माटी का ऋण और सामाजिक उत्तरदायित्व • ग्रीन गैंग स्वयंसेवक दल

edit_note कृपया अपनी सही जानकारी भरें ताकि आपके निकटतम क्षेत्र के ग्रीन गैंग समन्वयक आपसे संपर्क कर सकें।