लौह पुरुष के सिद्धांतों व किसान आंदोलन से जन-परिचय
अखण्ड भारत के निर्माता भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सिद्धांतों, उनकी ईमानदारी, उनके चरित्र की दृढ़ता, सदाशयता, संकल्प शक्ति, किसान आंदोलन इत्यादि से जन-जन को परिचित कराना।
अखण्ड भारत के निर्माता, भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के सिद्धांतों, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, निर्भीकता एवं कृषक चेतना को जन-जन तक पहुँचाने हेतु समर्पित एक पवित्र जन-आंदोलन।
"न अन्याय करेंगे, न अन्याय सहेंगे — एकीकरण के द्वारा सामूहिक शक्ति का एहसास कराना ही हमारा प्रमुख लक्ष्य है।"
31 अक्टूबर 1875 — 15 दिसम्बर 1950 • अखण्ड भारत के अमर शिल्पी
पटेल अनुयायियों, कृषक समाज, भावी पीढ़ी एवं राष्ट्र की एकता-अखंडता के सतत उन्नयन हेतु निर्धारित 12 मूल संकल्प एवं कार्ययोजनाएं।
अखण्ड भारत के निर्माता भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सिद्धांतों, उनकी ईमानदारी, उनके चरित्र की दृढ़ता, सदाशयता, संकल्प शक्ति, किसान आंदोलन इत्यादि से जन-जन को परिचित कराना।
सरदार पटेल द्वारा निर्मित भारत की एकता अखण्डता को अक्षुण बनाये रखने हेतु जन-जन में समझदारी तथा आपसी भाईचारा प्रबल बनाना।
सरदार पटेल के जीवन चरित्र सम्बन्धी साहित्य, संगीत, काव्य, सृजित करना/कराना एवं पुस्तक/पत्र/पत्रिका विशेषांक के प्रकाशन करना कराना।
पटेल अनुयायियों के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, व्यावसायिक, साहित्यिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक उन्नयन एवं पटेल-स्वाभिमान को उच्चतम शिखर तक ले जाने हेतु अनेकानेक जागरूकता गतिविधियों/कार्यक्रमों/परियोजनाओं के संचालन करना, कराना।
पटेल अनुयायियों/ भावी पीढ़ी को कर्मठ, ईमानदार, जागरूक, सुशिक्षित, संस्कारित, कौशल-सम्पन्न, तर्कशील बनाने, सामाजिक कुरीतियों तथा अंधविश्वास से मुक्ति दिलाने तथा वैज्ञानिक-दृष्टिकोण अपनाने हेतु जागरूकता व प्रेणात्मक अनेकानेक कार्यक्रमों, गतिविधियों के आयोजन करना, कराना।
पटेल अनुयायियों/भावी पीढ़ी को आर्थिक पिछड़ेपन के, तथा साहित्यिक एवं राजनैतिक पिछड़ेपन के जिम्मेदार कारकों की पहचान कर, कराकर उन्नयन हेतु उपचारात्मक कार्यक्रमों/गतिविधियों के आयोजन करना कराना।
पटेल-मान-सम्मान-स्वाभिमान के निरन्तर-उच्चीकरण हेतु स्वैच्छिक आधार पर समयदान, धन-दान, श्रमदान एवं वांछनीय योगदान प्राप्त करना।
समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वालों, प्रेरणात्मक आदर्श प्रस्तुत करने वालों को समय समय प्रोत्साहन/सम्मान/पुरस्कार/मानदेय/ प्रेरणा-वृत्ति इत्यादि प्रदान करना।
उद्देश्यों की पूर्ति, प्राप्ति हेतु संगोष्ठी, कार्यशाला, उत्सव, मेला, प्रदर्शनी, प्रतियोगिता, प्रशिक्षण इत्यादि के आयोजन करना, कराना तथा यथावश्यक संस्थान, प्रशिक्षण केंद्र, शोध केन्द्र, आदि इत्यादि की स्थापना एवं संचालन करना/ कराना।
पृथ्वी और मानव स्वास्थ्य को उत्कृष्ट बनाने तथा बेहतर बनाये रखने हेतु अनेक कार्यक्रम, गतिविधियों के आयोजन करना कराना।
उद्देश्यों की पूर्ति प्राप्ति हेतु केंद्र/प्रान्त सरकार से, शासन-प्रशासन से, ग्राम/क्षेत्र/जिला पंचायत से, सरकारी व गैर सरकारी विभागों/अभिकरणों/परियोजनाओं/संस्थाओं/व्यक्तियों से, दान/अनुदान प्राप्त करना।
सरदार पटेल समाजोत्थान संगठन द्वारा समाज के अशक्त, असहाय, निर्बल, को सेवा, सहायता, सहयोग, वृत्ति, प्रदान करना/कराना।
कृपया कोई दूसरा शब्द खोजें या सभी उद्देश्य देखें।
संस्थापक ट्रस्टी / सचिव — सरदार पटेल समाजोत्थान ट्रस्ट
पर्यावरणविद्, अवधी साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता (बाराबंकी, उ.प्र.)
प्रत्येक पटेल अनुयायी एवं राष्ट्र-भक्त द्वारा हृदयंगम करने योग्य पावन प्रतिज्ञा
"हम भारत की एकता अखंडता के लिए वह सब करेंगे जो संविधान सम्मत है"
हमें गर्व है कि हम, अखण्ड भारत के निर्माता भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनुयायी हैं, हम भारत की एकता अखण्डता के लिए वह सब करेंगे जो संविधान सम्मत है।
पटेल अनुयायियों के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, व्यावसायिक, साहित्यिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक उन्नयन एवं स्व-स्वाभिमान को उच्चतम शिखर तक ले जाने हेतु अनेकानेक जागरूकता गतिविधियों में सम्मिलित होकर, समाज को सामाजिक कुरीतियों से मुक्त बनाने में सामूहिक योगदान करेंगे।
भावी पीढ़ी को कर्मठ, ईमानदार, जागरूक, सुशिक्षित, संस्कारित, तर्कशील एवं अंधविश्वास-मुक्त बनाने के लिए तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने हेतु अनवरत प्रयास करेंगे।
पटेल अनुयायियों के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पिछड़ेपन के जिम्मेदार कारकों की पहचान कर उन्नयन हेतु समुचित उपाय अपनाएंगे।
पृथ्वी और मानव स्वास्थ्य के सम्वर्धन हेतु न सिर्फ सतर्क रहेंगे बल्कि निरन्तर बेहतरी की स्थिति बनाने हेतु वांछित कदम भी उठाएंगे।
पटेल जी के मान-सम्मान-स्वाभिमान के निरन्तर-उच्चीकरण हेतु यथाशक्ति समयदान, धनदान, श्रमदान एवं वांछनीय योगदान करते रहेंगे।
आइए अपने परिवार एवं समाज में 31 अक्तूबर को "पाँच-दीप" प्रज्वलित कर दीपोत्सव मनाएं व सरदार पटेल के विचारों का प्रचार करें।
संगठन की दार्शनिक आधारशिला, अराजनैतिक स्वरूप, दीपोत्सव पर्व एवं विश्व में प्रथम "पटेल आरती" का प्रामाणिक विधान।
पूर्णतया अराजनैतिक • केवल समाज व भावी पीढ़ी के उत्थान को समर्पित
यह संगठन पूर्णतया अराजनैतिक रहेगा यानी कभी भी किसी राजनैतिक दल अथवा किसी राजनेता का न ही समर्थन करेगा न ही विरोध करेगा। यह संगठन सिर्फ पटेल अनुयायियों की व भावी पीढ़ी की समस्त प्रकार की उन्नति को समर्पित रहेगा। एकीकरण के द्वारा सामूहिक शक्ति का एहसास कराना संगठन का प्रमुख लक्ष्य है।
पूर्णतया अराजनैतिक • केवल समाज व भावी पीढ़ी के उत्थान को समर्पित
"न अन्याय करेंगे, न अन्याय सहेंगे"। हमें विश्वास है कि आप सभी पटेल अनुयायीगण हमारे अनुरोध को स्वीकार कर संगठन के उद्देश्य से सहमत होकर सरदार पटेल समाजोत्थान संगठन की सदस्यता प्राप्त करेंगे और हम सबके गौरव, देश के स्वाभिमान, भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर 31 अक्तूबर को प्रतिवर्ष अपने घरों में पूड़ी पकवान बनवाए जाएं, तथा शाम को कम से कम "पाँच-दीप" जलाकर दीपोत्सव मनाएं। संगठन का ये भी आव्हान है कि 31 अक्टूबर को हर वर्ष प्रत्येक इकाई द्वारा पटेल जी के चित्र पर माला-फूल के जरिये पुष्पांजलि अर्पित की जाए। ट्रस्ट का संकल्प दुहराया जाए, और पटेल जी के जीवन के प्रेरणास्पद संस्मरणों पर चर्चा हो।
31 अक्तूबर: घरों में पूड़ी-पकवान, शाम को 'पाँच-दीप' प्रज्वलन व सामूहिक संस्मरण चर्चा
किसी पटेल अनुयायी के साथ अन्याय होने पर अपमान होने पर ट्रस्ट संविधान सम्मत प्रतिक्रिया व्यक्त करने का आवाहन करता है।
संविधान के दायरे में रहकर अन्याय व अपमान के विरुद्ध अडिग प्रतिकार
कोई भी महापुरुष तभी कहलाता है जब किसी एक जाति धर्म की बात न करके सर्व समाज की खुशहाली और उन्नति की बात करता है। प्रत्येक जाति में महापुरुष हुए हैं। सभी अपने महापुरुष को जानें और उनके बताए रास्ते पर चलकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।
महापुरुष किसी एक जाति के नहीं, बल्कि सर्व समाज के पथ-प्रदर्शक होते हैं
सरदार पटेल कुर्मी जाति में जन्मे हैं। इसलिए कुर्मी जाति वालों को गर्व का अनुभव होना स्वाभाविक है। किंतु पटेल जी के नाम पर सिर्फ जाति की बात करना उनके विराट व्यक्तित्व के साथ अन्याय है। कुर्मी जाति के लोगों को अगुवाई करना चाहिए कि पटेल के कृतित्व व्यक्तित्व से जनजन को सुपरिचित कराया जाए।
जातिगत सीमाओं से ऊपर उठकर पटेल जी के विराट राष्ट्रीय स्वरूप का जन-जन में प्रचार
सरदार पटेल समाजोत्थान ट्रस्ट द्वारा पटेल जी को देवता या ईश्वर मानकर नहीं बल्कि महामानव महापुरुष मानकर श्री वल्लभ पटेल की आरती का विधान विश्व में पहली बार सजाया और सँवारा गया है। उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी में पहली बार सामूहिक आरती की गई। प्रति वर्ष 20 दिन लगातार संचालित पटेल चेतना रथ के दौरान जगह-जगह सामूहिक पटेल आरती होती है।
महामानव रूप में विश्व की प्रथम 'पटेल आरती' एवं 20-दिवसीय अनवरत चेतना रथ यात्रा
हम सबके गौरव, भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर प्रत्येक घर में पूड़ी-पकवान बनवाएं, शाम को कम से कम "पाँच-दीप" जलाकर दीपोत्सव मनाएं, चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करें, ट्रस्ट का संकल्प दोहराएं तथा प्रेरणास्पद संस्मरणों पर चर्चा करें।
उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी व विभिन्न अंचलों में प्रतिवर्ष अनवरत 20 दिन गतिशील पटेल चेतना रथ एवं सामूहिक आरती।
संकल्प दोहराएंट्रस्ट के मार्गदर्शक, संस्थापक पदाधिकारी एवं कार्यसमिति सदस्य जो समाजोत्थान के इस पुनीत महा-अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।
संस्थापक प्रधान ट्रस्टी / संस्थापक अध्यक्ष
Founder Chief Trustee & President
संस्थापक ट्रस्टी / संस्थापक सचिव
Founder Trustee & General Secretary
संस्थापक ट्रस्टी / कोषाध्यक्ष
Founder Trustee & Treasurer
संस्थापक ट्रस्टी / समन्वयक
Founder Trustee & Coordinator
ट्रस्टी / संगठन प्रभारी
Trustee & Organization In-charge
ट्रस्टी / कार्यालय प्रभारी
Trustee & Office In-charge
मुख्यालय: जनपद बाराबंकी, उत्तर प्रदेश • कार्यक्षेत्र: उत्तर प्रदेश एवं सम्पूर्ण भारतवर्ष। समस्त पटेल अनुयायियों एवं राष्ट्र-निर्माताओं के स्वाभिमान व उत्थान को समर्पित।
"पटेल-मान-सम्मान-स्वाभिमान के निरन्तर-उच्चीकरण हेतु स्वैच्छिक आधार पर समयदान, धन-दान, श्रमदान एवं वांछनीय योगदान करें।"
प्रति सप्ताह या प्रति माह कुछ घंटे समाज के युवाओं को शिक्षित करने, जागरूकता संगोष्ठियों के आयोजन एवं 31 अक्तूबर दीपोत्सव अभियान के प्रचार हेतु समर्पित करें।
20-दिवसीय पटेल चेतना रथ यात्रा, सामाजिक आयोजनों, पौधरोपण, चिकित्सा शिविरों एवं अशक्त-असहाय जनों की प्रत्यक्ष सेवा में अपना सक्रिय शारीरिक योगदान दें।
साहित्य प्रकाशन, पत्र-पत्रिका विशेषांक, छात्र-छात्राओं हेतु प्रेरणा-वृत्ति (छात्रवृत्ति), निर्बल परिवारों की सहायता एवं शोध केन्द्रों के निर्माण हेतु स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग करें।
सरदार पटेल समाजोत्थान ट्रस्ट एवं अभियान संबंधी प्रमुख जिज्ञासाएं
आइए सरदार पटेल समाजोत्थान ट्रस्ट के साथ जुड़कर एक सुशिक्षित, संस्कारित, आत्मनिर्भर एवं अखंड भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें।