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eco ग्रीन मॉर्निंग!
समाजसेवी • पर्यावरण प्रेमी • साहित्यकार • जन-जागरूकता प्रेरक

समाज, संस्कृति और प्रकृति के लिए समर्पित एक जीवन

बाराबंकी के कमरावां गांव से शुरू होकर चार दशकों तक फैली निस्वार्थ जनसेवा — पर्यावरण संरक्षण, गौरैया व पक्षी संवर्धन, जल-सकोरा वितरण, अवधी भाषा उत्थान और युवाओं में सकारात्मक चेतना का निरंतर संचार।

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ग्रीन मॉर्निंग की अनूठी पहल दैनिक अभिवादन में 'गुड मॉर्निंग' के स्थान पर 'ग्रीन मॉर्निंग' बोलकर प्रकृति प्रेम का संचार
verified स्वामी विवेकानंद सम्मान (1989)
military_tech गणतंत्र दिवस परेड प्रतिभागी (1987-88)
श्री प्रदीप सारंग - समाजसेवी एवं पर्यावरणविद
संस्थापक — ग्रीन गैंग (2019)

श्री प्रदीप सारंग

बाराबंकी की माटी से उठकर जन-जन तक हरियाली का अलख जगाने वाले जनसेवक।

calendar_month
सतत लोकसेवा 1987 से अनवरत
35+
schedule
वर्ष निरंतर जनसेवा 1987 से आज तक निस्वार्थ ग्रामीण व सामाजिक योगदान
15+
campaign
सक्रिय जन-अभियान ग्रीन गैंग, परिंदा संरक्षण, जल-सकोरा अभियान, अवधी संवर्धन
50+
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सम्मान एवं पुरस्कार स्वामी विवेकानंद सम्मान (1989), राष्ट्रीय परेड सम्मान
18k+
groups
नागरिक सहभागिता बाराबंकी, सतरिख, लखनऊ व ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष जुड़ाव
प्रदीप सारंग सम्मान समारोह मंच पर
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जन्म स्थान एवं कर्मभूमि 20 अक्टूबर 1969 • कमरावां, बाराबंकी
menu_book एक परिचय — श्री प्रदीप सारंग

जनसेवा ही साधना: एक सतत संकल्प

वर्ष 1969 की 20 अक्टूबर को बाराबंकी के ग्राम कमरावां में जन्मे श्री प्रदीप सारंग एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार एवं जनसेवक हैं, जो कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपने निरंतर सक्रिय योगदान से युवाओं में सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण सृजित करते रहते हैं।

उनका जीवन समाज सेवा, शिक्षा, पर्यावरण-संरक्षण और जन-जागरूकता के कार्यों के लिए समर्पित है। ग्रामीण विकास, मतदाता जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, गौरैया व परिंदा संरक्षण, जल-सकोरा अभियान तथा अवधी-भाषा-संस्कृति के संरक्षण संवर्धन जैसे कार्यों में उनकी विशेष रुचि है।

"हारना सीखा नहीं है, जीत का मैं गीत हूँ।
जुगनुओं का संग है, इंसानियत का मीत हूँ।"

— प्रदीप सारंग कवि एवं सामाजिक विचारक
forestपर्यावरणविद history_eduसाहित्यकार व कवि cottageग्रामीण विकास प्रेरक translateअवधी भाषा संरक्षक
जन-आंदोलन एवं पहल

प्रमुख अभियान

प्रदीप सारंग द्वारा समाज के समग्र विकास के लिए विभिन्न जन-जागरूकता एवं सेवा-आधारित अभियानों का संचालन किया जा रहा है।

सभी अभियानों से जुड़ें arrow_forward
सरदार पटेल अभियान — राष्ट्रीय एकता व अखंडता
flag प्राथमिक मुख्य जन-अभियान (राष्ट्रीय एकता)

सरदार पटेल अभियान

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के अखंड भारत, राष्ट्रीय अखंडता और सामाजिक समरसता के विचारों को युवाओं तक पहुँचाने हेतु संचालित प्रमुख अभियान। इसके माध्यम से समाज को जाति-धर्म की संकीर्णताओं से ऊपर उठाकर एक सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया जाता है।

verified अखंड भारत चेतना यात्रा
verified युवा नेतृत्व संवाद
eco स्थापना: 05 जून 2019 (विश्व पर्यावरण दिवस)

हरियाली-अभियान

“ग्रीन गैंग” प्रदीप सारंग द्वारा शुरू किया गया एक प्रेरक हरियाली अभियान है, जिसका उद्देश्य जनमानस में पर्यावरण प्रेम विकसित करना है। हर दिन के अभिवादन में 'ग्रीन मॉर्निंग' का प्रयोग जन-जन के स्वभाव में प्रकृति बोध जगाता है।

check_circle 50,000+ पौधे रोपित
check_circle ग्रीन चौपाल संवाद
हरियाली-अभियान (ग्रीन गैंग) पौधरोपण
मुख्य संकल्प
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सरदार पटेल अभियान

राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने हेतु संचालित अभियान, जिससे युवाओं में राष्ट्रप्रेम जागृत हो सके।

राष्ट्रीय एकता व सद्भाव
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अवधी अभियान

हिंदी एवं अवधी भाषा, साहित्य और लोक संस्कृति के संवर्धन के लिए निरंतर काव्य-गोष्ठियों और अवधी गद्य लेखन का जन-प्रसार।

साहित्यिक धरोहर संरक्षण
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तुलसी जयंती पखवारा

16 से 31 अगस्त 2026: गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन मूल्यों, रामचरितमानस की सामाजिक समरसता और अवधी संस्कृति का आयोजन।

वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव
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परिंदा संवर्धन व जल-सकोरा अभियान

गर्मी के दिनों में बेजुबान पक्षियों हेतु मिट्टी के जल-सकोरे का वितरण, दाना-पानी प्रबंध और गौरैया संरक्षण जागरूकता।

जीव-दया व प्रकृति प्रेम
psychiatry प्रकृति-केंद्रित जीवन शैली आंदोलन

ग्रीन गैंग — हरियाली को जन-आंदोलन बनाने की ऐतिहासिक पहल

विश्व पर्यावरण दिवस 05 जून 2019 को स्थापित। प्रदीप सारंग का विचार है कि जब हमारी जुबां पर हरियाली होगी, तभी हमारे आंगन और धरा पर हरियाली टिकेगी।

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ग्रीन-मॉर्निंग Green Morning

'गुड मॉर्निंग' का हरित विकल्प। सुबह की पहली किरण के साथ धरती के प्रति कृतज्ञता और पौधे लगाने का संकल्प।

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ग्रीन-आफ्टरनून Green Afternoon

दोपहर के श्रम में छायादार वृक्षों और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की याद दिलाता हरित अभिवादन।

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ग्रीन-इवनिंग Green Evening

शाम के वक्त चौपालों और परिवारों में हरियाली, स्वच्छता व पर्यावरण संवाद को प्रेरित करता संवाद।

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ग्रीन-नाइट Green Night

दिन के समापन पर प्रकृति के संतुलन और आने वाले कल को और अधिक हरा-भरा बनाने का शांत संकल्प।

आप भी बनें "ग्रीन गैंग" के हरित साथी

अपने दैनिक संवाद में ग्रीन मॉर्निंग अपनाएं और अपने गांव/मोहल्ले में कम से कम 5 फलदार अथवा छायादार पौधे अवश्य लगाएं।

group_add ग्रीन गैंग सदस्यता फॉर्म भरें
समग्र समाज-सुधार

कार्यक्षेत्र मैट्रिक्स

पर्यावरण से लेकर मानवीय गरिमा तक — प्रदीप सारंग की सक्रियता के 8 प्रमुख स्तंभ

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पर्यावरण एवं पौधरोपण

सघन ग्रामीण सरोकार, बंजर भूमि पर हरियाली और सतरिख क्षेत्र में सघन ग्रीन चौपाल।

agriculture

ग्रामीण विकास व स्वावलंबन

कमरावां व समीपवर्ती गांवों में स्व-सहायता, स्वच्छता और पंचायती जन-जागरूकता।

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जल-सकोरा व पक्षी संरक्षण

गर्मी में पक्षियों के लिए 10,000+ मिट्टी के जल-सकोरों का वितरण और बेजुबान परिंदों का संरक्षण।

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मतदाता जागरूकता अभियान

शत-प्रतिशत निष्पक्ष मतदान और ग्रामीण अंचलों में लोकतंत्र के अधिकार का शिक्षण।

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परिंदा व गौरैया संरक्षण

घोंसला निर्माण, सुरक्षित जल सकोरे और ग्रीष्मकाल में पक्षी-मित्र स्वयंसेवक दल।

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युवा प्रेरणा व नशामुक्ति

स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर आधारित युवा गोष्ठियां और नशामुक्त समाज संकल्प।

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अवधी भाषा एवं साहित्य

लोक मुहावरे, कुंडलियाँ छंद, अवधी पत्रिकाएं और क्षेत्रीय कवियों का मंचन।

public

राष्ट्रीय एकता व सद्भाव

सरदार पटेल जयंती आयोजन और सर्वधर्म सद्भावना यात्राओं का नेतृत्व।

धरातल पर परिणाम

बदलाव की कहानियाँ (Case Studies)

समस्या से समाधान तक की वास्तविक जन-यात्रा — कैसे छोटे-छोटे सामूहिक कदमों ने बाराबंकी में बड़े बदलाव रचे।

forest पर्यावरण संवाद

सतरिख व बाराबंकी में ग्रीन चौपाल

समस्या:

गाँव की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कटते पेड़ और घटता हरित आवरण।

पहल:

माननीय वन मंत्री जी (उत्तर प्रदेश) की उपस्थिति में जनसंवाद व सामूहिक पौधा रोपण।

परिणाम:

500+ ग्रामीण परिवारों ने स्वेच्छा से अपने घर के बाहर 'एक पौधा अपनी संतान के नाम' लगाया।

स्थान: सतरिख, बाराबंकी सफलता दर: 92%
water_drop परिंदा रक्षक

भीषण ग्रीष्म में जल-पात्र वितरण

समस्या:

मई-जून की 45°C गर्मी में जलस्रोतों के सूखने से परिंदों और गौरैयों की असामयिक मृत्यु।

पहल:

कमरावां और निकटवर्ती बाजारों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा मिट्टी के 2,500 सकोरे निशुल्क वितरित।

परिणाम:

सैकड़ों पक्षी प्रेमियों का नेटवर्क बना जो प्रतिदिन प्रातः सकोरों में ताजा पानी भरते हैं।

स्थान: ग्रामीण अंचल 2500+ सकोरे सक्रिय
water_drop परिंदा संरक्षण

मिट्टी के जल-सकोरे व गौरैया बचाओ अभियान

समस्या:

भीषण गर्मी में पानी और भोजन के अभाव में बेजुबान पक्षियों एवं विलुप्त होती गौरैया का संकट।

पहल:

प्रदीप सारंग द्वारा 10,000+ मिट्टी के जल-सकोरों का वितरण एवं युवाओं द्वारा नियमित दाना-पानी व्यवस्था।

परिणाम:

हजारों परिंदों को मिला जीवन और ग्रामीण युवाओं में बेजुबानों के प्रति करुणा का प्रसार।

स्थान: बाराबंकी (कमरावां व ग्रामीण अंचल) 10,000+ जल-सकोरे वितरित
इतिहास एवं पड़ाव

चार दशकों की सेवा यात्रा (1987 से आज तक)

कमरावां के एक संवेदनशील किशोर से लेकर राष्ट्रीय मंचों तक समाज व पर्यावरण की अथक साधना

1987 – 1988

इंडिया गेट राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता

नई दिल्ली में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय परेड में युवा दल के रूप में शामिल होकर अनुशासन, राष्ट्रीय सेवा और लोक कल्याण का सर्वोच्च पाठ सीखा।

1989

माननीय राज्यपाल (उ.प्र.) द्वारा 'स्वामी विवेकानंद सम्मान'

उत्कृष्ट समाज सेवा, युवा नेतृत्व और ग्रामीण विकास कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल महोदय द्वारा स्वामी विवेकानंद पुरस्कार प्रदान किया गया।

2010 – 2018

कपड़ा-बैंक, गौरैया संवर्धन व मतदाता चेतना विस्तार

ग्रामीण बाराबंकी में जरूरतमंदों के लिए कपड़ा बैंक की स्थापना, परिंदों के लिए दाना-पानी अभियान और लोकतंत्र सुदृढ़ीकरण हेतु व्यापक मतदाता जागरूकता रैलियां।

05 जून 2019

'ग्रीन गैंग' की ऐतिहासिक स्थापना व 'ग्रीन मॉर्निंग' सूत्रपात

विश्व पर्यावरण दिवस पर धरती पर हरियाली बढ़ाने और जनमानस के दैनिक अभिवादन में 'ग्रीन मॉर्निंग' की वैज्ञानिक और भावनात्मक नींव रखी गई।

2026 (वर्तमान)

स्वरचित 'सारंग-कुंडलियाँ' एवं साझा संग्रह 'काव्य-मंजरी'

151 स्वरचित कुंडलियों के काव्य संग्रह का ऐतिहासिक प्रकाशन और अवधी लोक संस्कृति के संरक्षण हेतु साहित्यकारों का वृहद समागम।

राष्ट्रीय व राजकीय मान्यता

सम्मान एवं उपलब्धियाँ

समाज, संस्कृति और पर्यावरण के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए मिले प्रमुख अलंकरण

military_tech वर्ष 1989 • राजभवन

स्वामी विवेकानंद सम्मान

तत्कालीन माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश द्वारा उत्कृष्ट समाज सेवा व युवा चेतना सृजन हेतु प्रदान किया गया सर्वोच्च सम्मान।

प्रदाता: उत्तर प्रदेश शासन
flag 1987 – 1988 • नई दिल्ली

गणतंत्र दिवस परेड सम्मान

इंडिया गेट पर 26 जनवरी राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रीय सेवा कार्यों के प्रतिनिधित्व हेतु प्रशस्ति पत्र।

स्थल: इंडिया गेट, नई दिल्ली
forest हरित क्रांति सम्मान

पर्यावरण गौरव सम्मान

ग्रीन चौपाल अभियान तथा बाराबंकी व सतरिख में वृहद जनसहभागिता पौधरोपण मुहिम हेतु वन विभाग व नागरिक मंचों द्वारा प्रदत्त।

पहल: ग्रीन गैंग अभियान
history_edu साहित्यिक संवर्धन

अवधी भाषा शिरोमणि सम्मान

'सारंग-कुंडलियाँ' एवं अवधी लोक-गद्य के संरक्षण तथा ग्रामीण नवोदित कवियों को मंच प्रदान करने हेतु विशेष सारस्वत सम्मान।

मंच: अवधी साहित्य परिषद
मीडिया कवरेज

अखबारों के पन्नों से (Newspaper Cuttings)

दैनिक जागरण, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा आदि प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रदीप सारंग के अभियानों की प्रामाणिक कतरनें

verified आधिकारिक प्रेस अभिलेखागार
Vandana sahay की कहानी
13 अगस्त 2026

Vandana sahay की कहानी

साहित्य सम्मेलन एवं अवधी गोष्ठी
Vandana sahay की कहानी
11 अगस्त 2026

Vandana sahay की कहानी

ग्रीन मॉर्निंग अभियान को जन समर्थन
जन्मदिन सदानन्द वर्मा
07 जुलाई 2026

जन्मदिन सदानन्द वर्मा

साहित्यिक अनुष्ठान एवं परिचर्चा
सदानंद वर्मा जन्मदिन
04 जुलाई 2026

सदानंद वर्मा जन्मदिन

पर्यावरण संवर्धन का अनूठा मॉडल
आयोजन एवं संगम

कार्यक्रम व गतिविधियाँ (Events)

आगामी व पूर्व में संपन्न हुए साहित्यिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक समागम

सभी कार्यक्रम देखें arrow_forward

आगामी कार्यक्रम (Upcoming Events)

शीतकालीन परिंदा संरक्षण व जल-सकोरा वितरण अभियान
आगामी 15 Nov 2026

शीतकालीन परिंदा संरक्षण व जल-सकोरा वितरण अभियान

पर्यावरण चेतना तथा शीतकालीन पक्षी संरक्षण एवं ग्रामीण विद्यालयों में विद्यार्थियों संग पौधरोपण व हरित संदेश।

location_on बाराबंकी व आसपास के सीमांचल क्षेत्र
सरदार पटेल स्मृति चेतना यात्रा व जन-चौपाल
आगामी 31 Oct 2026

सरदार पटेल स्मृति चेतना यात्रा व जन-चौपाल

राष्ट्रनायक सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर ग्रामीण स्वावलंबन, किसान सम्मान एवं सामाजिक सद्भाव महारैली।

location_on कमरावां, बाराबंकी (उ.प्र.)
अवधी लोक साहित्य महाकुंभ एवं कवि सम्मेलन
आगामी 18 Oct 2026

अवधी लोक साहित्य महाकुंभ एवं कवि सम्मेलन

अवध के प्रतिष्ठित कवियों एवं मनीषियों की गरिमामयी उपस्थिति में अवधी भाषा प्रसार तथा भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन।

location_on गांधी भवन प्रेक्षागृह, बाराबंकी (उ.प्र.)

सम्पन्न आयोजन (Past Events)

सम्पन्न 05 Jul 2026

स्वरचित 151 कुंडलियों का संग्रह "सारंग-कुंडलियाँ" का प्रकाशन

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location_on बाराबंकी, उत्तर प्रदेश, भारत
सम्पन्न 05 Jul 2026

साझा संग्रह "काव्य-मंजरी" का संपादन प्रकाशन

संपादक, प्रदीप सारंग, 9919007190

location_on बाराबंकी, उत्तर प्रदेश, भारत
सम्पन्न 03 Jul 2026

ग्रीन चौपाल

माननीय वन मन्त्री जी, उत्तर प्रदेश

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event_available
अपने गाँव में चौपाल कराएं

प्रदीप सारंग को अपने क्षेत्र में पर्यावरण या साहित्य सभा हेतु आमंत्रित करें।

माटी की बोली • अवधी संपदा

साहित्य और अवधी संस्कृति (Literary Works)

अवधी गद्य, आंचलिक रेखाचित्र और लोकजीवन की सजीव अभिव्यक्ति — प्रदीप सारंग की लेखनी से सीधे

अवधी गद्य menu_book

सुघरी

"मेला जाय की खुशी मा, गोबर की खेप लइकै जाय रही 'सुघरी' के कदमन की चाल आजु अपने आपै कुछ बढ़ी हुई है..."

अवधी ग्रामीण समाज में एक मेहनतकश स्त्री के स्वाभिमान, सहज उल्लास और आंचलिक पर्व-संस्कृति का अत्यंत मार्मिक व यथार्थवादी शब्द-चित्र।

लेखक: प्रदीप सारंग पूरी रचना पढ़ें arrow_forward
साक्षात्कार व संस्मरण record_voice_over

झरिहख (वर्षा ऋतु का ग्रामीण दृश्य)

"आजु जब हम सोय कै जागेन, तौ झमाझम बारिस होत रही। झमाझम मतलब वाकई झम-झम, झम-झम कै आवाज कानन मा सुनाय परत रही..."

बारिश की पहली झड़ी, खपरैल से गिरती जलधाराएं, कीचड़ से भरी पगडंडियां और किसान के मन की उमंग का खालिस अवधी जुबान में सजीव प्रवाह।

संस्मरण: प्रदीप सारंग पूरा संस्मरण पढ़ें arrow_forward
edit_note स्वरचित 151 कुंडलियों का संकलन

"सारंग-कुंडलियाँ" — लोक जीवन के छंदबद्ध सरोकार

कुण्डलियाँ छंद की प्राचीन समृद्ध परंपरा को जीवित रखते हुए समकालीन सामाजिक विद्रूपताओं, प्रकृति-प्रेम और मानवीय मूल्यों पर आधारित 151 मौलिक कुंडलियाँ।

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"पेड़ केवल लकड़ी नहीं, हमारी सांसों का ऋण हैं। हर दिन की शुरुआत ग्रीन मॉर्निंग से करें।"

प्रदीप सारंग • बाराबंकी
नागरिक सहभागिता

बदलाव का हिस्सा बनें

पर्यावरण और समाज सेवा केवल एक व्यक्ति की नहीं, हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।

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स्वयंसेवक (Volunteer) बनें

अपने गाँव या शहर में ग्रीन गैंग व परिंदा संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी दें।

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अभियान में सहयोग दें

सकोरा वितरण, पौधरोपण या कपड़ा-बैंक के लिए आवश्यक सामग्री व संसाधन साझा करें।

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ग्रीन चौपाल आयोजित करें

अपने विद्यालय, ग्राम पंचायत या संस्थान में हरियाली चौपाल का आयोजन करवाएं।

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कार्यक्रम हेतु आमंत्रित करें

साहित्यिक गोष्ठियों, कवि सम्मेलनों या युवा प्रेरणा सत्रों में वक्तव्य हेतु।

सीधा संवाद

संपर्क करें

पर्यावरण, अवधी साहित्य या सामाजिक कार्य से जुड़े किसी भी विचार, आमंत्रण अथवा सहयोग हेतु प्रदीप सारंग से सीधे संपर्क स्थापित करें।

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निवास एवं कार्यक्षेत्र

ग्राम कमरावां, जिला बाराबंकी, उत्तर प्रदेश, भारत

call
सीधा दूरभाष नंबर

+91 9919007190

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ईमेल पत्र-व्यवहार

contact@pradeepsarang.in

कमरावां • सतरिख • बाराबंकी
बाराबंकी जनपद (अवध अंचल) my_locationसक्रिय केंद्र

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